श्रीनाथ विश्वविद्यालय में “माइंड मैटर्स: द साइंस ऑफ जॉय विद आर्ट ऑफ लिविंग” विषय पर कार्यशाला आयोजित
विद्यार्थियों को मानसिक संतुलन, आत्म-जागरूकता और आनंदमय जीवन के सूत्र सिखाए गए


जमशेदपुर।
श्रीनाथ विश्वविद्यालय के साइंस क्लब की ओर से “माइंड मैटर्स: द साइंस ऑफ जॉय विद आर्ट ऑफ लिविंग” विषय पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार डॉ. मौसमी महतो और मुख्य अतिथि सुश्री चेतना मोहंता ने संयुक्त रूप से किया। सुश्री मोहंता एक प्रसिद्ध लाइफ कोच और आर्ट ऑफ लिविंग प्रशिक्षक हैं, जिन्होंने सत्र के दौरान विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य और आत्म-जागरूकता से जुड़ी कई उपयोगी बातें बताईं।
मुख्य अतिथि सुश्री चेतना मोहंता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मन, भावनाओं और जीवन के संतुलन का सीधा संबंध हमारी खुशी से है। उन्होंने माइंडफुलनेस, आत्म-नियंत्रण और सजग जीवनशैली के महत्व पर बल देते हुए छात्रों को आंतरिक शांति और सच्चे आनंद की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
रजिस्ट्रार डॉ. मौसमी महतो ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने बताया कि इस तरह की पहल से छात्रों में सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और जीवन कौशल विकसित होते हैं।
कार्यशाला में आधुनिक विज्ञान और प्राचीन भारतीय दर्शन के समन्वय से “आनंद के विज्ञान” को समझने पर विशेष चर्चा की गई। सत्र के दौरान पॉजिटिव साइकोलॉजी और आर्ट ऑफ लिविंग के सिद्धांतों के माध्यम से तनाव प्रबंधन, भावनात्मक संतुलन और स्थायी खुशी के उपाय साझा किए गए।
तेज़ रफ्तार जीवनशैली, शैक्षणिक दबाव और सोशल मीडिया के प्रभावों के बीच यह कार्यशाला विद्यार्थियों के लिए मानसिक शांति और सहनशीलता विकसित करने का अवसर बनी। प्रतिभागियों ने सत्र को अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बताया।

