श्रीनाथ विश्वविद्यालय में पाँच दिवसीय एफडीपी का सफल समापन, शिक्षा व शोध में एआई के उपयोग पर रहा फोकस
जमशेदपुर।


श्रीनाथ विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग एवं श्रीनाथ कॉलेज ऑफ एजुकेशन के संयुक्त तत्वावधान में “शिक्षण, अधिगम एवं शोध में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की शक्ति का उपयोग” विषय पर आयोजित पाँच दिवसीय ऑनलाइन फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) का सफलतापूर्वक समापन हो गया।
इस एफडीपी में देशभर के लगभग 20 शैक्षणिक संस्थानों से 100 से अधिक शिक्षक, शोधार्थी एवं शिक्षा विशेषज्ञों ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों और शोधकर्ताओं के बीच जागरूकता बढ़ाना तथा शिक्षण, अधिगम और अनुसंधान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभावी एकीकरण हेतु क्षमता निर्माण करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान एआई की नवीनतम प्रवृत्तियों, शैक्षणिक उपयोगों एवं अनुसंधान में इसके व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर विस्तृत चर्चा की गई। अनुसंधान संस्थानों एवं उद्योग जगत से जुड़े प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा करते हुए उभरते एआई टूल्स, नवाचारी अनुप्रयोगों और भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने बताया कि किस प्रकार एआई शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने और शोध की प्रभावशीलता बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो सकता है।
इंटरैक्टिव सत्रों एवं व्यावहारिक केस स्टडीज़ के माध्यम से प्रतिभागियों को अकादमिक डिलीवरी और शोध प्रथाओं में एआई की भूमिका को गहराई से समझने का अवसर मिला। कार्यक्रम का संयुक्त समन्वय श्रीनाथ विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. ओजस्विनी मोहंता तथा श्रीनाथ कॉलेज ऑफ एजुकेशन की सहायक प्राध्यापक सुश्री लीना महंता द्वारा किया गया।
प्रतिभागियों से प्राप्त सकारात्मक प्रतिक्रियाओं के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने इसे अकादमिक क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभावी उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

