श्रम संहिता को रद्द करने की मांग पर राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल के तहत हुआ रैली व सभा
ईचागढ़ – गुरुवार को मजदूर संगठन ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर कि ओर से दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों एवं स्वतंत्र फेडरेशनों के आह्वान पर देशव्यापी एक दिवसीय आम हड़ताल चांडिल बाज़ार में व्यापक रूप से आयोजित की गई।यह हड़ताल केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए मजदूर विरोधी चार श्रम संहिताओं के खिलाफ तथा श्रमिकों के संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से की गई।


कार्यक्रम की शुरुआत चांडिल बस स्टैंड से हुए सैकड़ो की संख्या में मजदूर अपनी मांगों को उठाकर रैली के माध्यम से चांडिल चौक बाजार होते हुए स्टेशन रोड डाक बंगला पहुंची जो सभा में तब्दील हो गई।
रैली के माध्यम से अपनी मांगों को उठाने के साथ-साथ चांडिल वासियों को इस एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल को सफल करने का अपील भी किया गया। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों से श्रमिकों, कर्मचारियों, युवाओं एवं आम नागरिकों का व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ । सभा को संबोधित करते हुए मजदूर संगठन ए.आई.यू.टी.यू.सी के राज्य उपाध्यक्षा सह कार्यक्रम की मुख्य वक्ता लिली दास ने कहा कि देश की उत्पादन व्यवस्था श्रमिक वर्ग के श्रम पर आधारित है, अतः उन्हें जीवन निर्वाह योग्य मजदूरी, 8 घंटे कार्यदिवस, सामाजिक सुरक्षा, स्थायी रोजगार तथा ट्रेड यूनियन अधिकारों की गारंटी मिलनी चाहिए। चारों श्रम संहिताएं इन अधिकारों को कमजोर करती हैं और पूंजीपतियों को अधिकतम मुनाफा सुनिश्चित करने की दिशा में बनाई गई हैं। हम सरकार से मांग करते हैं कि श्रमिक वर्ग की न्यायोचित मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाए और चारों श्रम संहिताओं को वापस लेकर श्रमिक हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
सभा को मजदूर नेता बुद्धेश्वर माझी, मदन हँसदा, भूषण हेम्ब्रम, माधव तंतुबाई ने भी संबोधित किया। व सभा का संचालन आशुदेव महतो ने किया ।

