सरायकेला-खरसावां : उपायुक्त की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक सम्पन्न
बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, लक्ष्य पूर्ति और निगरानी तंत्र को मजबूत करने पर दिया गया जोर


समाहरणालय सभागार में सोमवार को उपायुक्त–सह–जिला दंडाधिकारी नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह, एसीएमओ डॉ. जुझार मांझी, डीआरसीएचओ, डीपीएम, सभी एमओआईसी, बीपीएम सहित विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
बैठक में उपायुक्त ने सदर अस्पताल तथा सभी अनुमंडल एवं प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य केंद्रों में संचालित सेवाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि उपलब्ध उपकरणों और मानवबल का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ समय पर मिल सकें।

उपायुक्त ने टीकाकरण कार्यक्रम, स्वास्थ्य जांच शिविर, मातृ–शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम, पोषण अभियान और रोग नियंत्रण कार्यक्रमों की प्रगति पर कड़ी निगरानी रखने को कहा। उन्होंने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि जहाँ योजनाओं का क्रियान्वयन धीमा है, वहाँ संबंधित एमओआईसी कार्ययोजना बनाकर त्वरित सुधार सुनिश्चित करें। लापरवाही या लक्ष्य से विचलन पर जिला प्रशासन स्तर से कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने सभी एमओआईसी को निर्देश दिया कि उप–स्वास्थ्य केंद्रों की नियमित समीक्षा करें और पब्लिक परफॉर्मेंस इंडिकेटर (PPI) में कमजोर प्रदर्शन कर रहे उप–केंद्रों को चिह्नित करते हुए उन्हें शत–प्रतिशत लक्ष्य तक पहुँचाया जाए।
उपायुक्त ने जिले के सभी निजी नर्सिंग होम से प्रसव के उपरांत टीकाकरण संबंधित आंकड़े एकत्र कर जिला रिपोर्ट में समाहित करने का निर्देश दिया, ताकि टीकाकरण कवरेज का सटीक मूल्यांकन हो सके। साथ ही, सभी गर्भवती महिलाओं की ANC 1–4 तक सतत ट्रैकिंग सुनिश्चित करने के आदेश दिए, ताकि किसी भी महिला को किसी चरण में स्वास्थ्य सुविधा से वंचित न रहना पड़े।
कम जन्म–वजन वाले शिशुओं को समय पर एसएनसीयू (SNCU) में रेफर कर विशेष देखरेख सुनिश्चित करने की बात भी कही गई। उन्होंने अस्पतालों में स्वच्छता, हाइजीन मानकों, उपकरणों के नियमित परीक्षण, ओपीडी की निरंतरता और आपातकालीन सेवाओं की तत्परता पर विशेष जोर दिया।
बैठक के अंत में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की योजनाएँ सीधे आमजन के जीवन और स्वास्थ्य से जुड़ी हैं। इसलिए प्रत्येक अधिकारी और स्वास्थ्यकर्मी को निष्ठा, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए, ताकि जिले के नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध हो सकें।

