सरायकेला में दिखा कोल्हान बंद का व्यापक असर, विधायक प्रतिनिधि सनत आचार्य ने सरकार पर साधा निशाना
सरायकेला। चाईबासा में आदिवासियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में भारतीय जनता पार्टी द्वारा आहूत कोल्हान बंद का बुधवार को सरायकेला में व्यापक असर देखा गया। बंद के दौरान अधिकांश दुकानें बंद रहीं और सड़कों पर वाहन भी सामान्य दिनों की तुलना में कम दिखे।


पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के विधायक प्रतिनिधि सनत आचार्य ने कहा कि चाईबासा में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे आदिवासियों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज कराया जाना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समाज की भावनाओं को कुचलने का काम कर रही है। सरकार को तुरंत इस घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार को यह समझना चाहिए कि आदिवासी समाज की आवाज को दबाकर झारखंड में शांति कायम नहीं रखी जा सकती। आदिवासी समाज का उत्पीड़न अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इधर, भाजपा नेत्री मीरा मुंडा और भाजपा जिलाध्यक्ष उदय सिंहदेव के नेतृत्व में बुधवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने गैरेज चौक, संजय चौक और आसपास के बाजारों में भ्रमण कर दुकानदारों से बंद का समर्थन करने की अपील की। कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से बंद को सफल बनाने का आह्वान किया।
भाजपा नेत्री मीरा मुंडा ने कहा कि यह सरकार पूरी तरह दमनकारी हो चुकी है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे आदिवासियों पर लाठीचार्ज करवाकर राज्य सरकार ने आदिवासी समाज का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा इस घटना की कड़ी निंदा करती है और दोषियों पर कार्रवाई की मांग करती है।
वहीं जिलाध्यक्ष उदय सिंहदेव ने बताया कि चाईबासा के ग्रामीण क्षेत्र के लोग पिछले कई महीनों से सड़क पर नो एंट्री की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। पिछले एक वर्ष में उस सड़क पर 150 से अधिक सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें कई लोगों की जान गई है।
उन्होंने कहा कि जब प्रदर्शनकारी मंत्री दीपक बिरुआ से मिलने जा रहे थे, तब पुलिस ने उन्हें रोक दिया और रात में भोजन के दौरान ही उन पर लाठीचार्ज कर दिया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले तक दागे गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने कई ग्रामीणों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और एक गर्भवती महिला को दो दिनों से थाने में बैठाकर रखा गया है, जो बेहद निंदनीय है।
स्वास्थ्य विभाग पर बोलते हुए उदय सिंहदेव ने कहा कि हाल ही में सामने आए एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाने का मामला विभाग की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर हत्या का मामला दर्ज होना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के कार्यकाल में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, इसलिए उन्हें तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।
बंद के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती रही ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो सके। कुल मिलाकर, सरायकेला में कोल्हान बंद शांतिपूर्ण रहा, लेकिन भाजपा नेताओं के तीखे बयान ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है।

