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सरायकेला सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर फैयाज़ उर्फ़ सोनू ने बकरी चोरी मामले में नीमडीह थानेदार पर गढ़ी झूठी कहानी, जानिए असली सच

सरायकेला: कपाली निवासी फैयाज़ आलम उर्फ़ सोनू ने नीमडीह थाना प्रभारी पर बेवजह मारपीट कर घायल करने का आरोप लगाते हुए मानवाधिकार आयोग में मामला दर्ज कराया है. मीडिया रिपोर्ट की माने तो बीते 17 अक्टूबर को फैयाज़ अपने दोस्त मोहम्मद अजहरुद्दीन के साथ शाम को चांडिल डैम घूमने गया था. इसी दौरान करीब 7:30 बजे के आसपास दोनों नीमडीह थाना पहुंचे और अजहरुद्दीन किसी बात की जानकारी थानेदार संतन तिवारी से लेनी चाही जिसपर थानेदार भड़क गए और झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने लगे. इसी दौरान फैयाज़ के साथ भी गाली- गलौज और बदसलूकी की गई जिससे फैयाज़ इतना आहत हुआ कि मूर्छित होकर गिर गया और उसे छोटे आई. 

 

बाद में थानेदार ने प्राथमिक उपचार करवाया और सादे कागज पर सकुशल घर जाने की बात लिखवाकर जाने दिया. फैयाज़ ने एमजीएम में ईलाज कराने के बाद सोमवार को मीडिया को इसकी जानकारी दी कि उसने मानवाधिकार आयोग से इसकी शिकायत की है. आरोप है कि थानेदार ने अनुशासनहीतना की है.

 

चलिए अब इस कहानी के क्लामैक्स की ओर आते हैं. दरअसल फैयाज़ उर्फ़ सोनू एक सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर है और पत्रकारिता का ढोंग करके कपाली क्षेत्र में गौ तस्करों की मदद करता है. उसके संबंध कई गौ तस्करों से हैं. मीडिया का चोला ओढ़कर वह मैनेज गेम खेलता है. सूत्र बताते हैं कि नीमडीह भी वह एक बकरी चोरी में पकड़े गए गाड़ी की पैरवी करने अजहरुद्दीन के साथ गया था. वहां दाल नहीं गलने पर उसने थानेदार के खिलाफ मारपीट की झूठी कहानी गढ़ी और मानवाधिकार आयोग में शिकायत करने का भोकाल बनाया. 

 

हालांकि थानेदार से इस सम्बंध में बात नहीं हो सकी मगर थाना सूत्रों मिली जानकारी के अनुसार कपाली के किसी रूबी नामक बकरी तस्कर की पैरवी करने दोनों थाना पहुंचे थे. रूबी कुख्यात बकरी तस्कर है जो पूर्व में भी जेल जा चुकी है. पिछले दिनों नीमडीह थाना पुलिस ने बकरी चोरी के आरोप में एक कार को ट्रैक किया जो कपाली ओपी ने जप्त किया है. इसी सिलसिले में दोनों नीमडीह थाना पहुंचे थे और मामले को रफा- दफा करने का प्रयास कर रहे थे.

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