सरयू राय ने सरकार की पहली वर्षगांठ पर उठाए सवाल, उपलब्धियों को बताया अधूरा
जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने राज्य सरकार की दूसरी पारी की पहली वर्षगांठ पर जारी उपलब्धियों पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने 10,000 युवाओं को नियुक्ति देने और ‘सरकार आपके द्वार’ जैसे कार्यक्रमों को बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश किया है, लेकिन वास्तविक स्थिति इससे अलग है। उनके अनुसार, पूर्व में घोषित कई योजनाएँ जमीन पर लागू न होने के कारण उपेक्षा का शिकार हो चुकी हैं और नई योजनाओं का भी वही हाल होने का खतरा है।


राय ने आरोप लगाया कि सेवा का अधिकार अधिनियम राज्य मुख्यालय से लेकर जिलों और प्रखंडों तक प्रभावहीन हो चुका है। कार्यालयों में न तो अधिनियम से संबंधित सूचना बोर्ड हैं और न ही आवेदनों का समय पर निष्पादन हो रहा है। हजारों आवेदन लंबित पड़े हैं और लोग चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि कई जिलों में सरकार द्वारा भेजी गई निधियों से बनी संरचनाएँ उपयोग में न आने के कारण जर्जर हो रही हैं। जमशेदपुर के कदमा स्थित कन्वेंशन सेंटर और साकची की डीएम लाइब्रेरी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि करोड़ों खर्च होने के बावजूद ये वर्षों से बंद पड़े हैं। राय के अनुसार, नगर निगम और परिषदों को 15वें वित्त आयोग से मिले फंड का भी सही उपयोग नहीं हुआ है, जिस पर सरकार को जवाब मांगना चाहिए।

