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टाटा लीज नवीनीकरण को लेकर रैयतों–विस्थापितों ने उपायुक्त से की मुलाकात

 

 

जमशेदपुर, 19 दिसंबर।

टाटा कंपनी के लीज नवीनीकरण से जुड़े मामलों में रैयतों, मूल निवासियों एवं विस्थापितों को अब तक न्याय नहीं मिलने के विरोध में झारखंड मूलवासी अधिकार मंच एवं टाटा विस्थापित संगठन के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को उपायुक्त, जमशेदपुर से उनके कार्यालय में मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने लीज नवीनीकरण से संबंधित कई गंभीर मुद्दों को उठाते हुए प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया।

 

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि वर्ष 2005 में हुए टाटा लीज नवीनीकरण के दौरान रैयतों के अधिकारों की अनदेखी की गई। वास्तविक विस्थापितों को “झूठा विस्थापित” घोषित किए जाने, बिना वैध लीज एवं विधिवत भूमि अधिग्रहण के रैयती जमीन पर कब्ज़ा किए जाने तथा न्यायालय में मामले लंबित रहने के बावजूद भूमि को लीज अथवा सब-लीज पर दिए जाने जैसे मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त की गई।

 

प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को यह भी अवगत कराया कि रैयतों एवं विस्थापितों के अधिकारों को लेकर 21 फरवरी 2025 को राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग, झारखंड सरकार को ज्ञापन सौंपा गया था। इस पर संज्ञान लेते हुए विभाग ने 11 दिसंबर 2025 को उपायुक्त, जमशेदपुर को नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश जारी किया है।

 

इस मुद्दे पर उपायुक्त के साथ लंबी और गंभीर चर्चा हुई। उपायुक्त ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि स्थायी समाधान के लिए रैयतों एवं विस्थापितों के पास उपलब्ध सभी संबंधित कागजात, अभिलेख एवं दस्तावेज उपायुक्त कार्यालय में जमा कराए जाएँ, ताकि उनकी विधिवत जाँच कर समाधान की दिशा में कार्रवाई की जा सके।

 

प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि पेसा कानून एवं सीएनटी/एसपीटी अधिनियम के प्रावधानों के तहत ग्रामसभा की लिखित सहमति के बिना भूमि से संबंधित कोई भी निर्णय न लिया जाए। साथ ही टाटा लीज नवीनीकरण से जुड़ी किसी भी समिति या निर्णय प्रक्रिया में रैयतों एवं विस्थापितों को प्रतिनिधित्व देने की मांग की गई।

 

इसके अतिरिक्त शहर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित पुराने तालाबों, जलस्रोतों एवं सामुदायिक संसाधनों को ग्रामसभा को सौंपने तथा उन पर किसी भी प्रकार के निजी या कॉर्पोरेट कब्ज़े को समाप्त करने की भी मांग रखी गई।

 

प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन द्वारा शीघ्र ठोस एवं पारदर्शी कार्रवाई नहीं की गई, तो रैयतों, मूल निवासियों एवं विस्थापितों के अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

 

इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में हरमोहन महतो, दीपक रंजीत, प्रहलाद गोप, उत्तम प्रधान, सुनील हेंब्रम, कृष्णा लोहार, राइमूल, भारती रजक, निमाई गोप, राजन सिंह, मधुसूदन माझी, तपन पंडा, कांसी प्रधान, सूरज गौड़, गौर हेम्ब्रम, उत्पल महतो, अभिमन्यु गोप, मनिंदर सिंह, पहाड़ सिंह सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।

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