टाटानगर रेल सिविल डिफेंस ने इलैक्ट्रीक लोकों पायलट प्रशिक्षण केन्द्र में विंटर प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया
जमशेदपुर(प्रकाश कुमार गुप्ता): टाटानगर रेल सिविल डिफेंस द्वारा इलैक्ट्रीक लोकों पायलट प्रशिक्षण केन्द्र में एक दिवसीय विंटर प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में प्रशिक्षणार्थी लोकों पायलटों को आपदा और आपात स्थितियों में बचाव कार्य करने के लिए प्रशिक्षित किया गया और उन्हें सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।


प्रशिक्षण के दौरान सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने बताया कि आपदा प्रशिक्षण से रेलकर्मियों में आत्मबल बढ़ता है और कठिन परिस्थितियों में साहसपूर्ण कार्य करने की क्षमता विकसित होती है। उन्होंने सड़क और रेल दुर्घटना की स्थिति में घायल लोगों को अकेले बचाने की इमरजेंसी रेस्क्यू विधि का प्रशिक्षण मॉक ड्रिल के माध्यम से दिया। इसके अलावा उन्होंने सर्दी के समय चौक-चौराहों पर अलाव जलाने के दौरान सुरक्षा के उपायों जैसे रेत और पानी रखने की जानकारी भी दी।

प्रशिक्षण में आग लगने की स्थिति में फायर संयंत्र का प्रयोग, सीपीआर और वैंडेज करने की विधि का भी प्रशिक्षण दिया गया। मॉक ड्रिल डेमोस्ट्रेशन सिविल डिफेंस डेमोस्ट्रेटर शंकर प्रसाद, अनामिका मंडल और गीता कुमारी ने प्रस्तुत किया।
इस प्रशिक्षण शिविर में दक्षिण पूर्व रेलवे के रांची, आद्रा, खड़गपुर, संतरागाछी, चक्रधरपुर, वण्डामुण्डा और डोगवापोशी के लोकों पायलट उपस्थित रहे। ईलैक्ट्रीक लोकों पायलट प्रशिक्षण केन्द्र के प्राचार्य ने सिविल डिफेंस के प्रशिक्षण कार्य की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से कर्मचारियों की सुरक्षा क्षमता बढ़ती है और रेल संचालन अधिक सुरक्षित बनता है।

इस अवसर पर सभी प्रशिक्षुओं ने प्रशिक्षण के महत्व को समझते हुए आपदा और आपात स्थिति में सुरक्षा एवं बचाव कार्य करने का संकल्प लिया। प्रशिक्षण शिविर ने रेलकर्मियों में आत्मविश्वास और साहस बढ़ाने के साथ-साथ सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूकता फैलाने का महत्वपूर्ण कार्य किया।
टाटानगर रेल सिविल डिफेंस द्वारा आयोजित यह विंटर प्रशिक्षण शिविर एक सफल कदम साबित हुआ और भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण शिविरों के आयोजन की आवश्यकता को उजागर किया।

