तलाई पहाड़ में श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुई माँ ठाकुरानी की पूजा-अर्चना
राजनगर एवं पोटका प्रखंड की सीमा पर स्थित पावन तलाई पहाड़ में माँ ठाकुरानी की पूजा-अर्चना पूरे विधि-विधान और भक्तिभाव के साथ धूमधाम से संपन्न हुई। इस अवसर पर डांगरडीहा, सिजुलता, हेंसल, पाटा हेंसल सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा स्थल पर पहुंचे और माँ की आराधना कर सुख-समृद्धि की कामना की।


पूजा कार्यक्रम की शुरुआत हेंसल गांव स्थित ठाकुरानी मंदिर में हुई, जहाँ सर्वप्रथम हेंसल गांव के नायके बाबा भीम सरदार एवं ग्राम प्रधान अशोक गोप के पुत्र मनिन्द्र गोप द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इसके पश्चात श्रद्धालुओं का जत्था पाटा हेंसल स्थित ठाकुरानी मंदिर पहुंचा, जहाँ पूजा सम्पन्न होने के बाद सभी श्रद्धालु करीब 200 फीट ऊँचे तलाई पहाड़ की चोटी पर चढ़े और वहाँ माँ ठाकुरानी की विशेष पूजा-अर्चना की। इस दौरान “जय माँ ठाकुरानी” के जयकारों से पूरा तलाई पहाड़ गूंज उठा।
पूरे आयोजन के दौरान क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना रहा। ढोल-नगाड़ों की गूंज, विधिवत पूजा-अर्चना और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ। स्थानीय ग्रामीणों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, वहीं सुरक्षा और व्यवस्था का भी विशेष ध्यान रखा गया।
श्रद्धालुओं ने बताया कि तलाई पहाड़ में माँ ठाकुरानी की पूजा वर्षों से चली आ रही परंपरा है। मान्यता है कि यहाँ माँ ठाकुरानी का साक्षात वास है और सच्चे मन से की गई आराधना से भक्तों की मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। इसी आस्था के चलते प्रतिवर्ष मकर पर्व के दूसरे दिन, जिसे ‘अखान दिन’ कहा जाता है, यहाँ विशेष पूजा-अर्चना की जाती है, जिसमें दूर-दराज से भी श्रद्धालु शामिल होते हैं।
इस पावन अवसर पर उज्ज्वल मोदक, अमरनाथ गोप, पोल्टू गोप, बिमल गोप, भोलानाथ गोप, बद्रीनाथ महाकुड़, कृष्णा नामता, जेना माझी, विष्णु गोप, अशोक मिस्त्री, अरूप मंडल, खोकन मंडल, तपन गोप सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। पूजा के सफल आयोजन से क्षेत्र में आपसी भाईचारे और धार्मिक आस्था को और अधिक मजबूती मिली।

