टुसु मेले में मारपीट और सड़क हादसा, आयोजकों की भूमिका पर सवाल
सरायकेला-खरसावां ज़िले के राजनगर प्रखंड अंतर्गत सोसोमली झलकडीह टांड स्थित हाई स्कूल मैदान में आयोजित पारंपरिक टुसु मेला अब आस्था और परंपरा से ज्यादा अराजकता, हिंसा और अवैध गतिविधियों के लिए चर्चा में है। मेले के दौरान हुई मारपीट और सड़क हादसे ने आयोजकों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजनगर थाना क्षेत्र के पदनाम साई गांव निवासी सचिन महतो पर पोटका थाना क्षेत्र के बांगो गांव के एक युवक ने हाथ में पहने लोहे के कड़े से सिर पर हमला कर दिया। इस हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे आनन-फानन में हेंसल स्थित प्रिया हेल्थ क्लीनिक में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
घटना के बाद मेला कमेटी ने दिखावटी कार्रवाई करते हुए मारपीट में शामिल तीन युवकों में से एक को पकड़कर रखा और मामले की सूचना राजनगर पुलिस को दी।
इसी दौरान मेले से लौट रही पदनाम साई गांव की सुशील महतो को नशे की हालत में बाइक चला रहे एक युवक ने टक्कर मार दी। हादसे में महिला के दाहिने पैर की हड्डी टूट गई, जिन्हें इलाज के लिए उसी क्लीनिक में भर्ती कराया गया है।
चंदा वसूली के लिए बढ़ावा दी जा रही अवैध गतिविधियां?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मेला आयोजक अवैध शराब बिक्री, नशापान और असामाजिक गतिविधियों से चंदा वसूली के उद्देश्य से इन सब पर आंख मूंदे हुए हैं। यही वजह है कि मेला परिसर और उसके आसपास नशे में धुत युवकों का जमावड़ा आम बात हो गई है, जिससे हर साल मेला और ज्यादा असुरक्षित होता जा रहा है।
हजारों की भीड़ जुटाने वाले इस मेले में न तो पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था है और न ही प्रशासनिक निगरानी। परिणामस्वरूप, पारंपरिक आयोजन अब हादसों और हिंसा का पर्याय बनता जा रहा है।
अब बड़ा सवाल यह है—
क्या प्रशासन आयोजकों की भूमिका की जांच करेगा, या फिर चंदे की आड़ में टुसु मेला यूं ही अव्यवस्था और अपराध का केंद्र बना रहेगा


