उच्च न्यायालय के आदेश पर चाईबासा सदर अस्पताल ब्लड बैंक लापरवाही मामले में प्राथमिकी दर्ज
चाईबासा(प्रकाश कुमार गुप्ता): झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश के बाद चाईबासा सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में हुई गंभीर लापरवाही के मामले में दोषियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस लापरवाही के कारण थैलेसीमिया से पीड़ित पांच बच्चे एचआईवी संक्रमित हो गए थे। यह कार्रवाई न्यायालय के निर्देश के अनुपालन में की गई है।


मामले का खुलासा अक्टूबर माह में हुआ था। इसके बाद झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री ने चाईबासा का दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की थी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई व पीड़ित परिवारों को आजीवन सहयोग का आश्वासन दिया था। हालांकि पीड़ित परिवारों को मुआवजे के रूप में केवल दो लाख रुपये दिए गए, लेकिन दोषी कर्मचारियों पर उस समय कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं की गई थी।
न्याय की मांग को लेकर झारखंड बचाओ जनसंघर्ष मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष माधव चंद्र कुंकल के नेतृत्व में पीड़ित परिवारों ने विधानसभा धरना स्थल पर प्रदर्शन किया। इसके बाद मोर्चा की ओर से झारखंड उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई। सुनवाई के बाद न्यायालय ने दोषियों पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया।
इस संबंध में माधव चंद्र कुंकल ने कहा कि यह घटना राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में गंभीर लापरवाही को उजागर करती है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए स्वास्थ्य व्यवस्था में आवश्यक सुधार की जरूरत है।
झारखंड बचाओ जनसंघर्ष मोर्चा ने कहा कि वह राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास करता रहेगा।

