उपायुक्त की अध्यक्षता में भूमि संरक्षण योजनाओं की समीक्षा बैठक, चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता के सख्त निर्देश
समाहरणालय स्थित उपायुक्त कार्यालय कक्ष में गुरुवार को भूमि संरक्षण योजनाओं के चयन को लेकर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने की। इस दौरान कृषि यंत्र, तालाब निर्माण/जीर्णोद्धार तथा विभाग की अन्य संचालित योजनाओं की क्रमवार प्रगति की समीक्षा की गई।


उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि योजनाओं के चयन एवं किसानों के चयन की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, नियमानुसार और निष्पक्ष होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता या अनुचित प्रभाव की कोई गुंजाइश नहीं रहनी चाहिए। इसके लिए प्रखंडों से प्राप्त प्रस्तावों और सूचियों की गहन जांच और आवश्यक सत्यापन सुनिश्चित किया जाए।
तालाब निर्माण एवं जीर्णोद्धार योजनाओं पर विशेष जोर देते हुए उपायुक्त ने कहा कि जनप्रतिनिधियों एवं प्रखंडों से प्राप्त अनुशंसाओं के परीक्षण के बाद लक्ष्य के अनुरूप प्राथमिकता सूची तैयार कर स्वीकृत की जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि जो लाभुक अब तक किसी योजना का लाभ नहीं ले सके हैं, उन्हें प्राथमिकता सूची में शामिल किया जाए ताकि आगामी लक्ष्य के अंतर्गत उन्हें लाभ प्रदान किया जा सके।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने विभागीय पदाधिकारियों को उनकी कार्यशैली में सुधार लाने तथा योजनाओं के समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक चरण में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व अनिवार्य रूप से बनाए रखा जाए तथा योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए।
कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उपायुक्त ने निर्देश दिया कि इच्छुक और सक्रिय कृषक समूहों/व्यक्तियों को योजना प्रावधानों के अनुसार कृषि यंत्रों का लाभ प्राथमिकता से उपलब्ध कराया जाए, ताकि किसान आधुनिक तकनीक अपनाकर उत्पादन क्षमता बढ़ा सकें।
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी, भूमि संरक्षण पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, DPM–JSLPS, तकनीकी सहायक सहित विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी व कर्मी उपस्थित थे।

