उरांव समाज के तत्वावधान में बुजुर्गों का सम्मान समारोह आयोजित
चाईबासा(प्रकाश कुमार गुप्ता): शनिवार को उरांव समाज के तत्वावधान में सम्मानित वृद्ध क्लब, चाईबासा की ओर से कुडुख सामुदायिक भवन, पुलहातु में बुजुर्गों के लिए सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में चाईबासा की सातों बस्तियों से लगभग 100 बुजुर्ग महिला एवं पुरुष शामिल हुए। आयोजन को मनोरंजक और उपयोगी बनाया गया, जिससे बुजुर्गों में खासा उत्साह देखने को मिला।


कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आदिवासी उरांव समाज संघ, चाईबासा के अध्यक्ष संचू तिर्की उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में जगर्नाथ हेंब्रम, संजीव कुमार, अजीत कुमार और सहदेव किस्पोट्टा मंचासीन थे। कार्यक्रम के दौरान मेडिकल टीम द्वारा सभी बुजुर्गों एवं उपस्थित लोगों का नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच किया गया और आवश्यकता अनुसार दवाइयां भी उपलब्ध कराई गईं।

मुख्य अतिथि संचू तिर्की ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि बुजुर्गों के प्रति सम्मान और देखभाल समाज की जिम्मेदारी है। वहीं विशिष्ट अतिथि जगर्नाथ हेंब्रम ने इसे एक अनूठा कार्यक्रम बताया और कहा कि बुजुर्गों को एक मंच पर लाकर उनके स्वास्थ्य की जांच और सम्मान करना सराहनीय पहल है। उन्होंने ऐसे कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया और स्वास्थ्य से जुड़े कार्यों में सहयोग का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर अतिथियों द्वारा सभी उपस्थित बुजुर्गों को भेंट देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान बुजुर्गों के लिए बोल पास प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें प्रथम स्थान रतन तिर्की, द्वितीय स्थान कुसमी देवी और तृतीय स्थान बंधन कच्छप ने प्राप्त किया।

कार्यक्रम के बारे में बुजुर्गों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इस तरह का आयोजन पहले कभी नहीं हुआ और इससे उन्हें विशेष सम्मान और आनंद की अनुभूति हुई। अंत में समाज के उपसचिव लालू कुजूर ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम आगे भी जारी रहेगा।
कार्यक्रम को सफल बनाने में सम्मानित वृद्ध क्लब की मुख्य संयोजिका लक्ष्मी बरहा के साथ विजय लक्ष्मी लकड़ा, लक्ष्मी कच्छप, किरण नुनिया, निर्मला लकड़ा, ननकी लकड़ा, बाबूलाल बरहा, लक्ष्मण बरहा, जय कुमार, भरत कुजूर, महावीर बरहा, राजकमल लकड़ा, मालती कच्छप, रोमोल कच्छप, शोभा कच्छप, सालनी कुजूर, चिमनी बरहा, ज्योति बरहा, विष्णु मिंज और सौरव मिंज की अहम भूमिका रही।

