Newsझारखण्ड

उत्क्रमित मध्य विद्यालय नीमडीह में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत विद्यार्थियों को दिलाई गई शपथ

 

 

चाईबासा(प्रकाश कुमार गुप्ता): सदर प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय नीमडीह में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत विद्यार्थियों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई गई। यह कार्यक्रम विद्यालय की प्रार्थना सभा के दौरान आयोजित किया गया, जिसमें सभी छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षक-शिक्षिकाएं भी शामिल हुए।

 

विद्यालय के प्रधानाध्यापक कृष्णा देवगम ने विद्यार्थियों को शपथ दिलाते हुए कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक बुराई है, जिसे समाज से समाप्त करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि बाल विवाह कानूनन अपराध है और इससे बच्चों के भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि कम उम्र में विवाह होने से बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और मानसिक विकास पर बुरा असर पड़ता है।

 

प्रधानाध्यापक ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि अच्छे स्वास्थ्य और बेहतर जीवन के लिए बाल विवाह जैसी कुप्रथा से दूर रहना जरूरी है। बाल विवाह के कारण बच्चों को शारीरिक और मानसिक क्षति झेलनी पड़ती है, जिससे उनका समग्र विकास बाधित होता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं बाल विवाह से दूर रहें और अपने परिवार व समाज में भी इसके प्रति जागरूकता फैलाएं।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को यह शपथ दिलाई गई कि वे बाल विवाह का विरोध करेंगे और अपने आसपास होने वाले बाल विवाह की जानकारी संबंधित लोगों और प्रशासन को देंगे। विद्यालय परिसर में इस अभियान को लेकर सकारात्मक माहौल देखने को मिला।

 

इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक सुशील कुमार सरदार, गंगाराम लागुरी, कल्पना गोराई, एलिस बेक, कुंती बोदरा, सुकांति गोप और अंजिता सिंकू सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित थे। सभी ने मिलकर बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया और विद्यार्थियों को सही मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।

Share this news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *