विश्व आदिवासी दिवस पर चंपाई सोरेन का जोरदार हमला, सरकार और कांग्रेस पर उठाए संगीन आरोप
सरायकेला:- विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर शनिवार को सरायकेला के गम्हरिया स्थित रामचंद्रपुर फुटबॉल मैदान में आयोजित समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री एवं सरायकेला विधानसभा के विधायक चंपाई सोरेन ने सरकार और कांग्रेस पार्टी पर तीखे आरोप लगाए।


चंपाई सोरेन ने अपने संबोधन में कहा कि झारखंड के आदिवासी समाज की लड़ाई में उन्होंने कभी कोई समझौता नहीं किया और न ही किसी आंदोलन को बेचा है। उन्होंने बताया कि हर संघर्ष को उन्होंने सफलता के शिखर तक पहुंचाया और गरीब आदिवासियों को उनके हक दिलाए।

उन्होंने टाटा स्टील और जादुगोड़ा माइंस के संघर्ष का उदाहरण देते हुए कहा, “बड़ी-बड़ी कंपनियां करोड़ों रुपए लेकर भी आदिवासी हितों को कुचलने में सफल नहीं हो सकीं। टाटा स्टील जैसी कंपनियां मेरी हत्या तक करना चाहती थीं, लेकिन मैं अपने आंदोलन से डिगा नहीं। आदिवासियों के अधिकारों के लिए मेरी लड़ाई जारी रहेगी।”
चंपाई सोरेन ने यह भी कहा कि झारखंड को घुसपैठियों और धर्मांतरण करने वाली संस्थाओं से मुक्त कराने का बीड़ा उन्होंने अपने कंधों पर उठाया है। राज्य में रूढ़िवादी प्रथाओं को खत्म कर आदिवासी समुदाय के मानकी-मुंडा आदि जनजातियों को उनका वास्तविक अधिकार दिलाना उनका प्रमुख लक्ष्य है। उन्होंने कहा, “इस राह में मुझे चाहे कितनी भी कीमत क्यों न चुकानी पड़े, मैं अपने मिशन से पीछे नहीं हटूंगा।”
इसके अलावा, चंपाई सोरेन ने कांग्रेस पार्टी और उसके नेता राहुल गांधी पर कड़ी टिप्पणी करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस मतदाता सूची को लेकर देश की जनता को गुमराह कर रही है और संसद की कार्यवाही को बाधित कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया, “यदि वोटर लिस्ट फर्जी थी, तो कांग्रेस ने चुनाव से पहले इसकी आवाज क्यों नहीं उठाई? अब जब बिहार में चुनाव हो रहे हैं, तो भ्रम फैलाना उनकी साजिश है।”
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस झारखंड के साथ भेदभाव कर रही है और इस तरह की राजनीति से आदिवासी हितों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने सभी आदिवासियों से एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई को और मजबूत करने का आह्वान किया।
यह कार्यक्रम बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोगों की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

