विस्थापितों की दयनीय स्थिति पर तत्काल कार्रवाई की मांग
ईचागढ़- विस्थापित अधिकार मंच के अध्यक्ष राकेश रंजन महतो आज चांडिल डैम से प्रभावित इचागढ़ प्रखंड के कालीचामदा एवं बाबूचामदा गांवों के ग्राउंड सर्वे पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण के दौरान किसानों और गांववासियों की स्थिति अत्यंत पीड़ादायक है।गांव की बहन–बेटियां कमरभर पानी में घंटों तक खड़ी होकर अपने धान की फसल काटने को विवश हैं। कटे हुए धान सिर पर ढोकर लाने को मजबूर है ।4–5 दिनों से कमरभर पानी में 5–6 घंटे रहने के कारण कई महिलाओं और किसानों का तबियत खराब हो गया है।



स्थिति और भी चिंताजनक तब हो गई जब कनीय अभियंताओं द्वारा दिखावे के लिए 4 फाटक खोले गए, किंतु रात होते ही 2 फाटक बंद कर दिए गए। यह विस्थापितों के साथ एक क्रूर मजाक है और उनकी पीड़ा को बढ़ाने वाला अमानवीय कृत्य है। उन्होंने चेतावनी देते कहा कि
अगर शीघ्रातिशीघ्र सभी आवश्यक फाटक पूरी क्षमता से नहीं खोले जाते और जलस्तर नियंत्रित नहीं किया जाता, तो मंच उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा।


