17 वर्षों से एजीएम और चुनाव नहीं, सिंहभूम स्पोर्ट्स एसोसिएशन में अनियमितताओं के खिलाफ खेल मंत्री को सौंपा गया ज्ञापन
चाईबासा: सिंहभूम जिले के फुटबॉल क्लबों के सचिवों, पूर्व खिलाड़ियों और खेलप्रेमियों के एक प्रतिनिधि मंडल ने शुक्रवार को राज्य के खेल मंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि सिंहभूम स्पोर्ट्स एसोसिएशन, चाईबासा में पिछले 17 वर्षों से एजीएम और चुनाव नहीं हुए, जिसके कारण संगठन में भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताएं और मनमानी बढ़ती जा रही है।


प्रतिनिधियों ने कहा कि वर्षों से चुनाव न होने के कारण एसोसिएशन कुछ व्यक्तियों के एकाधिकार में चला गया है। टूर्नामेंट और लीग औपचारिकता के लिए कराए जा रहे हैं, जिनका खिलाड़ियों को कोई लाभ नहीं मिल रहा। उन्होंने दावा किया कि टीम चयन में भारी लापरवाही हुई, कई खिलाड़ियों को बिना लीग खेले टीम में शामिल कर लिया गया और प्रबंधन की कमियों के चलते हाल ही में अंतरजिला फुटबॉल प्रतियोगिता में जिले की टीम को 7–0 से हार का सामना करना पड़ा।
प्रतिनिधि मंडल ने कोच लव आल्डा, सहायक कोच सुनील महतो और टीम प्रबंधक मानकी कुदादा को नैतिकता के आधार पर पद छोड़ने की मांग की। उन्होंने स्टेडियम परिसर में दुकानों के अवैध निर्माण और अवैध आवंटन का भी आरोप लगाया। साथ ही कई वर्षों से ऑडिट रिपोर्ट और लेखा-जोखा सार्वजनिक न किए जाने पर स्वतंत्र जांच की मांग की गई।
प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रशिक्षण शिविर, चयन प्रक्रिया और विकासात्मक गतिविधियाँ लगभग ठप हैं, जिससे खिलाड़ियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
मुख्य मांगों में 17 वर्षों से लंबित एजीएम और चुनाव कराना, भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच, दोषियों पर कार्रवाई, पारदर्शी संचालन सुनिश्चित करना और जिले में नियमित खेल गतिविधियों को पुनः शुरू करना शामिल है।
ज्ञापन सौंपने वालों में मधुसूदन समाड़, विनोद गोप, जितेंद्र बारी, लिटिल सिंकू, विजय सिंह बारी, धर्मेंद्र देवगम, जेनाराम पुरती सहित कई खिलाड़ी और खेलप्रेमी उपस्थित थे।

