खुकड़ाडीह में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया सरहुल पर्व, जल-जंगल-जमीन बचाने का लिया संकल्प

जमशेदपुर : धरती आबा बिरसा मुंडा स्वशासन व्यवस्था संस्कृति रक्षा संघ,खुकड़ाडीह की ओर से ग्राम प्रधान दामोदर सिंह की अध्यक्षता में सरहुल पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर समाज के लोगों ने पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ प्रकृति देवता की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र में सुख-समृद्धि, शांति और एकता की कामना की।


कार्यक्रम के दौरान साल के फूल-पत्तियों के साथ जहेर थान खुकड़ाडीह में विधि-विधान से पूजा की गई। इसके बाद महिलाएं और पुरुष पारंपरिक वेशभूषा में पूजा स्थल से कार्यक्रम स्थल तक नृत्य करते हुए पहुंचे। सरहुल पर्व के अवसर पर प्रकृति के प्रति आस्था व्यक्त करते हुए जल, जंगल और जमीन की रक्षा करने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम के शुरुआत से पहले साल के फूल एवं पत्तियों की पूजा अर्चना एवं प्रार्थना करते हुए प्रकृति की देवता से आराधना की गई की प्रकृति से ही हमें शुद्ध ऑक्सीजन प्राप्त होता है इसलिए प्रकृति की रक्षा करने का संकल्प भी लिया गया।
मौके पर मुंडा स्वशासन व्यवस्था के पोटका प्रखंड अध्यक्ष माधव मुंडा, ग्राम प्रधान दामोदर सिंह, बोध मुंडा और विमल मुंडा एवं नियारान हेरेंज ने कहा कि पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था के तहत सरहुल पर्व के साथ ही नए फल-फूल की पूजा कर उनका सेवन प्रारंभ किया जाता है। इसी समय से लोगों का एक स्थान से दूसरे स्थान पर आना-जाना और शुभ कार्यों की शुरुआत होती है। उन्होंने बताया कि इसी पर्व के दौरान युवक-युवतियां अपने मनपसंद जीवनसाथी का चयन भी करते हैं, जिसके बाद स्वेच्छा से विवाह बंधन में बंधते हैं। कार्यक्रम में मुख्य रूप से उमेश चंद्र मुंडा, गोपीनाथ मुंडा, विमल मुंडा आदि उपस्थित रहें।

