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झारखंड राज्यसभा चुनाव: क्रॉस वोटिंग आरोपों पर RJD का पलटवार, सुरेश पासवान ने कांग्रेस से पूछे तीखे सवाल

रांची: झारखंड राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद इंडिया गठबंधन के भीतर उठे क्रॉस वोटिंग के आरोप-प्रत्यारोप ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें पूरी तरह निराधार बताया है।

देवघर से आरजेडी विधायक सुरेश पासवान ने कहा कि उनकी पार्टी ने गठबंधन धर्म का पूरी तरह पालन किया है और चारों विधायकों ने इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया है। उन्होंने कहा कि बिना किसी प्रमाण के आरजेडी पर सवाल उठाना उचित नहीं है।

सुरेश पासवान ने कांग्रेस नेतृत्व से यह भी पूछा कि आखिर चुनाव के दौरान कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा और एनडीए समर्थित प्रत्याशी परिमल नाथवानी के बीच दिखाई गई नजदीकियों पर सवाल क्यों नहीं उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरोप लगाने से पहले कांग्रेस को अपने स्तर पर भी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

आरजेडी विधायक ने दावा किया कि मतदान प्रक्रिया के दौरान पार्टी के सभी विधायकों ने निर्धारित नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन किया। उन्होंने कहा कि प्रथम वरीयता का वोट गठबंधन प्रत्याशी को ही दिया गया और मतदान पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हुआ। उन्होंने कांग्रेस प्रभारी के. राजू से यह भी पूछा कि आखिर किस आधार पर आरजेडी और वामदलों पर क्रॉस वोटिंग का आरोप लगाया जा रहा है।

पासवान ने कहा कि आरजेडी ने अपने हिस्से की राजनीतिक जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाई है। यदि कहीं कोई गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच होनी चाहिए, लेकिन बिना तथ्यों के किसी सहयोगी दल को कटघरे में खड़ा करना सही नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यसभा चुनाव को बिहार की राजनीति से जोड़कर देखना और पुराने राजनीतिक विवादों का हवाला देना केवल भ्रम फैलाने की कोशिश है।

दरअसल, राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने राजनीतिक समीकरणों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इंडिया गठबंधन के पास विधानसभा में पर्याप्त संख्या बल होने के बावजूद कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को अपेक्षा से काफी कम वोट मिले। वहीं, एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की।

परिणाम घोषित होने के बाद कांग्रेस की ओर से सहयोगी दलों पर क्रॉस वोटिंग के आरोप लगाए गए थे। इसके बाद आरजेडी ने खुलकर अपना पक्ष रखा है। अब गठबंधन के भीतर इस मुद्दे पर चर्चा और समीक्षा की संभावना जताई जा रही है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने झारखंड की सियासत में कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनके जवाब आने वाले दिनों में गठबंधन दलों की बैठकों और आंतरिक समीक्षा के दौरान सामने आ सकते

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