खबर का असर: संवेदक ने बढ़ाई काम की रफ्तार, लेकिन मरम्मत की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल

सरायकेला-खरसावां: चांडिल अनुमंडल स्थित 10,000 एमटी क्षमता वाले खाद्यान्न गोदाम की मरम्मत कार्य में अनियमितताओं की खबर सामने आने के बाद संवेदक हरकत में आ गया है। खबर प्रकाशित होने के बाद जहां कार्य की रफ्तार बढ़ी है, वहीं अब मरम्मत की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।


जानकारी के अनुसार, इस गोदाम की मरम्मत के लिए करीब 19 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। कार्य योजना के तहत गोदाम की दरारों की मरम्मत, छत पर गैल्वेनाइज्ड शीट लगाना, रूफटॉप एग्जॉस्ट फैन की स्थापना, फर्श का निर्माण, नए शटर लगाना, विद्युत वायरिंग सहित कई अन्य कार्य किए जाने हैं।
लेकिन मौके पर जो तस्वीर सामने आ रही है, वह सरकारी राशि के दुरुपयोग की आशंका को मजबूत करती है। आरोप है कि जहां नए शटर लगाए जाने थे, वहां पुराने शटरों को ही नए फ्रेम में फिट कर दिया गया। इतना ही नहीं, गोदाम की दीवारों में मौजूद कई दरारों की केवल खानापूर्ति की गई है, जबकि ऊपरी हिस्से की बड़ी-बड़ी दरारें अब भी जस की तस बनी हुई हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि दरारों की वैज्ञानिक तरीके से मरम्मत नहीं हुई और पुराने शटर ही दोबारा लगा दिए गए, तो बारिश के दौरान गोदाम में पानी टपकना तय है। ऐसे में यहां संग्रहित होने वाला हजारों क्विंटल सरकारी खाद्यान्न नमी और पानी के कारण खराब हो सकता है, जिसका सीधा नुकसान सरकारी खजाने और गरीब लाभुकों को उठाना पड़ेगा।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार के निर्देशानुसार अगस्त माह में आगामी तीन महीनों का राशन उठाव और वितरण किया जाना है। ऐसे समय में यदि गोदाम की मरम्मत केवल कागजों और दिखावे तक सीमित रही, तो खाद्यान्न की सुरक्षा पर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।
अब सवाल यह है कि क्या विभागीय अधिकारी कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराएंगे, या फिर सरकारी धन की बंदरबांट पर पर्दा डाल दिया जाएगा? स्थानीय लोगों ने पूरे कार्य की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

