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सदर अस्पताल में इमरजेंसी के दौरान डॉक्टर नदारद, नगर पंचायत अध्यक्ष ने जताई नाराजगी

 

 

सरायकेला। सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था में लापरवाही का मामला मंगलवार सुबह सामने आया। नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी एवं वार्ड पार्षद वरुण साहू सुबह करीब 8:35 बजे एक मरीज के इलाज के लिए सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंचे, लेकिन उस समय वहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था।

 

इमरजेंसी में डॉक्टर की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए मनोज कुमार चौधरी ने तत्काल अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. पी.एम. बाड़ा और सिविल सर्जन डॉ. सरजू प्रसाद सिंह से दूरभाष पर बात कर मामले की जानकारी दी। इसके बाद करीब 9:15 बजे डॉक्टर इमरजेंसी वार्ड पहुंचे और मरीज का इलाज शुरू किया गया।

 

इसके बाद नगर पंचायत अध्यक्ष ने अस्पताल के ड्यूटी रोस्टर की जांच की। रोस्टर के अनुसार निर्धारित ड्यूटी पर कई डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी मौके पर अनुपस्थित पाए गए। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि जिला मुख्यालय के सदर अस्पताल में ही यदि निर्धारित समय पर डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी उपलब्ध नहीं रहेंगे, तो आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा कैसे मिलेगी।

 

मामले की जानकारी मिलने पर हॉस्पिटल मैनेजर भी मौके पर पहुंचे। अस्पताल की प्रबंधन व्यवस्था और मरीजों के प्रति रवैये को लेकर भी मनोज चौधरी ने नाराजगी जताई। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को व्यवस्था दुरुस्त करने तथा मरीजों और उनके परिजनों के साथ संवेदनशील एवं सहयोगात्मक व्यवहार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

 

मनोज कुमार चौधरी ने कहा, “सदर अस्पताल जनता की सेवा के लिए है। मरीजों को समय पर इलाज, सम्मान और संवेदनशील व्यवहार मिले—इसमें किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा।” उन्होंने कहा कि इमरजेंसी में डॉक्टर का उपलब्ध नहीं होना और ड्यूटी रोस्टर के बावजूद डॉक्टर एवं कर्मियों का अनुपस्थित रहना गंभीर मामला है। ऐसी लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।

 

उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए संसाधन उपलब्ध करा रही है। ऐसे में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को गंभीरता, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ अपनी ड्यूटी निभानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही जारी रहने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए मामला उच्च स्तर तक पहुंचाया जाएगा।

 

मनोज चौधरी ने कहा कि सदर अस्पताल में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की समय पर उपस्थिति तथा ड्यूटी रोस्टर का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित होना चाहिए। इमरजेंसी सेवा सीधे मरीजों के जीवन से जुड़ी है, इसलिए इसमें किसी भी स्तर की लापरवाही गंभीर परिणाम दे सकती है।

 

उन्होंने पूरे मामले और ड्यूटी रोस्टर के बावजूद अनुपस्थित पाए गए डॉक्टरों एवं कर्मियों के संबंध में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री तथा स्वास्थ्य विभाग के सचिव को लिखित शिकायत भेजने की बात कही।

 

मौके पर मौजूद वार्ड पार्षद वरुण साहू सहित मरीजों और उनके परिजनों ने समय पर हस्तक्षेप कर डॉक्टर की उपलब्धता सुनिश्चित कराने और मरीज का इलाज शुरू करवाने के लिए नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी के प्रयास की सराहना की।

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