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तिरंगा यात्रा से छात्र नेता देवेन्द्र नाथ महतो को रोकने का मामला राज्यपाल तक पहुंचा, निष्पक्ष जांच की मांग

रांची। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर छात्र नेता देवेन्द्र नाथ महतो को तिरंगा यात्रा और ध्वजारोहण में शामिल होने से रोके जाने का मामला अब राज्यपाल तक पहुंच गया है। मंगलवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राज्यपाल से मुलाकात कर पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।

 

प्रतिनिधिमंडल में रूपेश कुशवाहा, जयराम महतो, मुकेश कुमार, शिवम, रामा अवतार और महावीर साहु शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को बताया कि JPSC-JSSC में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के समय हुए पुलिस लाठीचार्ज के बाद देवेन्द्र नाथ महतो रांची सदर अस्पताल में उपचाररत थे। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बावजूद वे छात्रों की मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर थे।

 

ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अस्पताल में उपचाररत देवेन्द्र नाथ महतो ने तिरंगा यात्रा में शामिल होने और राष्ट्रीय ध्वज फहराने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान उनके साथ कथित रूप से धक्का-मुक्की और बल प्रयोग किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने दावा किया कि घटना से संबंधित फोटो और वीडियो भी सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं।

 

प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से 15 अगस्त की घटना की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित अधिकारियों और कर्मियों की भूमिका की जांच करने तथा दोषी पाए जाने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की। साथ ही CCTV फुटेज, फोटो और वीडियो समेत सभी साक्ष्यों को सुरक्षित रखते हुए जांच में शामिल करने का आग्रह किया गया।

 

इसके अलावा 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के दौरान हुए पुलिस लाठीचार्ज की भी निष्पक्ष जांच, देवेन्द्र नाथ महतो की सुरक्षा और उचित चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा JPSC-JSSC से जुड़े छात्र आंदोलन की मांगों पर सरकार द्वारा ठोस कार्रवाई की मांग की गई।

 

प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच के लिए उचित हस्तक्षेप करने और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराने का आग्रह किया।

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