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एमएमडीआर बिल के खिलाफ पोटका में झामुमो का जोरदार प्रदर्शन, संजीव सरदार बोले- खनिज संपदा पर झारखंड का अधिकार होना चाहिए

 

 

पोटका: केंद्र सरकार द्वारा पारित खान एवं खनिज (संशोधन) विधेयक यानी एमएमडीआर बिल के खिलाफ शनिवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने पोटका विधानसभा क्षेत्र में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पोटका, जमशेदपुर और डुमरिया प्रखंड मुख्यालय में एक साथ आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष शामिल हुए। पोटका प्रखंड मुख्यालय में झामुमो ने करीब पांच हजार लोगों के शामिल होने का दावा किया। प्रदर्शन के बाद संबंधित प्रखंडों के बीडीओ और सीओ को ज्ञापन सौंपकर विधेयक के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया।

 

पोटका में आयोजित कार्यक्रम का नेतृत्व पोटका विधायक संजीव सरदार ने किया। उन्होंने केंद्र सरकार पर झारखंड के अधिकारों को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य की खनिज संपदा पर झारखंड के हितों और अधिकारों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी।

संजीव सरदार ने कहा कि पिछले दो विधानसभा चुनावों में भाजपा हेमंत सोरेन के नेतृत्व को नहीं हरा सकी, इसलिए अब षड्यंत्र के जरिए झारखंड के खनिज संसाधनों पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि एमएमडीआर बिल के जरिए केंद्र सरकार झारखंड के हितों और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावित करना चाहती है।

विधायक ने कहा कि झारखंड की धरती के नीचे मौजूद खनिज संपदा राज्य की प्राकृतिक पूंजी और पहचान है। इस संपदा से होने वाली आय का लाभ झारखंड के विकास, गांवों और आम जनता तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि जल, जंगल, जमीन और खनिज पर झारखंड के अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा।

संजीव सरदार ने केंद्र सरकार पर राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावित करने की भी कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मंईयां सम्मान योजना, पेंशन योजना, अबुआ आवास समेत अन्य योजनाओं के संचालन पर असर डालने की कोशिश की जा रही है, ताकि आम लोगों को इन योजनाओं का लाभ न मिल सके और राज्य में अस्थिरता पैदा हो।

 

उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता के सहयोग से सड़क से सदन तक आंदोलन किया जाएगा। पोटका में जुटी भीड़ को उन्होंने जनभावना की अभिव्यक्ति बताते हुए कहा कि झारखंड की जनता अपने अधिकारों के लिए हमेशा संघर्ष करती रही है और जरूरत पड़ने पर फिर एकजुट होकर आवाज उठाएगी।

 

तीनों प्रखंडों में एक साथ प्रदर्शन

 

एमएमडीआर बिल के विरोध में पोटका विधानसभा क्षेत्र के पोटका, जमशेदपुर और डुमरिया प्रखंड मुख्यालय में एक साथ प्रदर्शन किया गया। झामुमो नेताओं के अनुसार, तीनों स्थानों पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और पार्टी कार्यकर्ता पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारे लगाए गए और ज्ञापन सौंपकर विधेयक का विरोध दर्ज कराया गया।

पोटका के कार्यक्रम में विधानसभा क्षेत्र की सभी 34 पंचायतों से कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के पहुंचने की बात कही गई। कार्यक्रम में पर्यवेक्षक मोहन कर्मकार, वरिष्ठ नेता राजू गिरि, झारखंड आंदोलनकारी सुनील महतो, बबलू चौधरी, पूर्व पार्षद चंद्रावती महतो, हीरामनी मुर्मू, रजनी षांडगी, भुगलु टुडू, मुखिया कार्तिक मुर्मू, बाघराय सोरेन, दुखु मार्डी, सुधीर सोरेन, भुवनेश्वर सरदार, हितेश भगत, चक्रधर महतो, मो. जमाल, भूपति महतो, बनमाली महतो, बीरेन पात्र, पंसस दीपक भगत समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे।

 

एक ही दिन विधानसभा क्षेत्र के तीनों प्रखंडों में हुए प्रदर्शन से झामुमो ने एमएमडीआर बिल के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। पोटका में विधायक संजीव सरदार ने कार्यकर्ताओं से आंदोलन को गांव-गांव तक पहुंचाने और लोगों को विधेयक के प्रावधानों की जानकारी देने की अपील की।

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