जेएलकेएम नेता तरुण महतो के नेतृत्व में आरकेएफएल के मजदूरों का धरना, प्रबंधन ने लिखित में मानी कई मांगें
सरायकेला-खरसावां: आरकेएफएल कंपनी के प्लांट-3 और प्लांट-4 के मजदूरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कंपनी के मुख्य द्वार के सामने धरना दिया। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के नेता तरुण महतो के नेतृत्व में हुए इस आंदोलन में मजदूरों ने वेतन पर्ची नहीं मिलने, समय पर वेतन भुगतान नहीं होने, कौशल और अनुभव के अनुसार वेतन निर्धारित नहीं करने, ड्यूटी रोस्टर और साप्ताहिक छुट्टी की स्पष्ट व्यवस्था नहीं होने, अतिरिक्त काम के लिए दोगुना भुगतान नहीं मिलने तथा कैंटीन में खराब गुणवत्ता का भोजन मिलने जैसी समस्याएं उठाईं।

मजदूरों का आवेदन मिलते ही जेएलकेएम नेता तरुण महतो मौके पर पहुंचे। कंपनी के मुख्य द्वार के सामने बारिश में भीगते हुए धरना दे रहे मजदूरों को देखकर वह भी उनके साथ धरने पर बैठ गए। बारिश के बावजूद मजदूर अपनी मांगों को लेकर डटे रहे और आंदोलन जारी रखा।
इसके बाद तरुण महतो के नेतृत्व में कंपनी प्रबंधन के साथ बातचीत हुई। इस दौरान मजदूरों की मांगों से संबंधित लिखित आवेदन प्रबंधन को सौंपा गया। वार्ता के बाद कंपनी प्रबंधन ने लिखित जवाब दिया और उस पर हस्ताक्षर किए।
कंपनी प्रबंधन के लिखित जवाब के अनुसार, प्रत्येक महीने की 10 तारीख तक मजदूरों को वेतन पर्ची उपलब्ध कराने और वेतन का भुगतान करने की बात कही गई है। इसके अलावा, मजदूरों के कौशल और अनुभव के आधार पर वेतन निर्धारित करने की व्यवस्था बनाने तथा इसकी जानकारी कंपनी के मुख्य द्वार पर प्रदर्शित करने का आश्वासन दिया गया है। इससे मजदूर अपने कौशल के अनुसार निर्धारित वेतन की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
प्रबंधन ने ड्यूटी रोस्टर के साथ साप्ताहिक छुट्टी की जानकारी संबंधित विभाग में प्रदर्शित करने और राष्ट्रीय अवकाश के दिनों में वेतन सहित छुट्टी देने की बात भी लिखित रूप में स्वीकार की है।
जेएलकेएम नेता तरुण महतो ने कहा कि मजदूरों की मांगों पर कंपनी प्रबंधन की ओर से लिखित जवाब दिया जाना सकारात्मक कदम है, लेकिन केवल कागज पर आश्वासन देने से काम नहीं चलेगा। इन मांगों को धरातल पर लागू करना भी जरूरी है। अगले महीने की 10 तारीख को देखा जाएगा कि मजदूरों को समय पर वेतन और वेतन पर्ची मिलती है या नहीं।
उन्होंने कहा कि अतिरिक्त काम के लिए दोगुना भुगतान और कैंटीन में भोजन की गुणवत्ता जैसे मुद्दों पर कंपनी का जवाब अभी स्पष्ट नहीं है। इन दोनों विषयों पर प्रबंधन के साथ दोबारा बातचीत की जाएगी।
तरुण महतो ने मजदूरों की समस्याओं को लेकर आगे भी उनके साथ खड़े रहने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि मजदूरों के अधिकारों और उनकी जायज मांगों को लेकर संघर्ष जारी रहेगा।
अब देखना होगा कि आरकेएफएल प्रबंधन अपने लिखित आश्वासनों को कब तक लागू करता है और मजदूरों को उनकी मांगों के अनुरूप सुविधाएं मिल पाती हैं या नहीं।


