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Anti Icha Dam Association met Minister- मंत्री से मिले ईचा बाँध विरोधी संग के सदस्य

Chaibasa:- ईचा बाँध विरोधी संग के सदस्यों ने मंत्री दीपक बिरुआ से मुलाक़ात की और पूस्प गुच्छ देकर मंत्री जी का अभिवादन किया। साथ ही मौक़े पर सदस्यों ने जल्द से जल्द ईचा डैम को रद्द करने का सिफ़ारिश किया।

क्या है ईचा डैम परियोजना?

बता दें कि स्वर्ण रेखा बहुउद्देश्यीय परियोजना (एसएमपी) भारत के पूर्वी भाग में तीन राज्यों (झारखंड, पश्चिम बंगाल और उड़ीसा) में स्थित है। इस परियोजना में मूल रूप से दो बांधों अर्थात चांडिल बांध और इचा बांध और दो बैराज (खरकई और गालुडीह) की परिकल्पना की गई थी। यह परियोजना 1982-83 के दौरान झारखंड, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल में कृषि के लिए पानी की आपूर्ति करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। इसके अलावा परियोजना का अन्य उद्देश्य उड़ीसा और पश्चिम बंगाल में बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम करना और नहर प्रणाली के विभिन्न बिंदुओं पर स्थित मध्यम, लघु और सूक्ष्म जलविद्युत परियोजनाओं के माध्यम से 30 मेगावाट जलविद्युत ऊर्जा उत्पन्न करना था।
हालाँकि इसे मूल रूप से दो बाँध और दो बैराज और सिंचाई चैनलों के नेटवर्क पर विचार किया गया था, परियोजना के सभी घटकों को अभी तक लागू नहीं किया गया है। इसका कारण धन की कमी और धन आवंटन में भ्रष्टाचार है। इसलिए, सिंचाई या घरेलू क्षेत्रों के लिए लाभ अभी तक उत्पन्न नहीं हुआ है

इसके निर्माण पूरा होने के बाद, बांध झारखंड के लगभग 87 गांवों (26 गांवों के पूरी तरह से और 61 गांवों के आंशिक रूप से डूब जाने की संभावना है) और उड़ीसा के 36 गांवों को प्रभावित करेगा।
प्रभावित इलाकों के ग्रामीण राज्य सरकार के बांध निर्माण के कदम का विरोध कर रहे हैं. खासकर पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा वन क्षेत्र के आदिवासी समुदाय ने कुजू गांव में ईचा बांध बनाने के लिए भूमि अधिग्रहण पर सहमति देने से इनकार कर दिया है

मौक़े पर रोमी सिंह देव, दसकन कुदादा, मार्केंडो बानरा, पूर्ण चंद्र गोप, बीर सिंह बिरूली समेत कई लोग उपस्थित रहे।

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Deepak Mahato

दीपक महतो – संस्थापक, छोटानागपुर लाइव   दीपक कुमार महतो पिछले 8 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्हें प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने का व्यापक अनुभव है। अपने पत्रकारिता करियर के दौरान उन्होंने न्यूज़ 11 सहित कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों और समाचार पत्रों में काम किया है।   वर्तमान में वे छोटानागपुर लाइव (Chhotanagpur Live) के संस्थापक हैं। इसके माध्यम से वे झारखंड की स्थानीय खबरों, जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों और क्षेत्रीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका उद्देश्य निष्पक्ष, तथ्यपरक और विश्वसनीय समाचारों के माध्यम से आम जनता की आवाज को जन-जन तक पहुंचाना है।   वर्तमान पद: संस्थापक, छोटानागपुर लाइव (Chhotanagpur Live)   अनुभव: 8 वर्ष | प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनि क मीडिया

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