अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में झारखंड की दमदार उपस्थिति, खनिज और कृषि क्षमता ने निवेशकों का ध्यान खींचा
प्रगति मैदान में आयोजित 44वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में झारखंड पवेलियन मंगलवार को भी आकर्षण का केंद्र बना रहा। “मिनरल कैपिटल झारखंड” थीम के साथ राज्य ने अपनी दो प्रमुख ताकतों—खनिज संसाधन और कृषि विविधता—को प्रभावी तरीके से प्रदर्शित किया। पवेलियन में लौह अयस्क, कोयला, अभ्रक, तांबा, यूरेनियम, बॉक्साइट और चूना पत्थर सहित कई महत्वपूर्ण खनिजों का प्रदर्शन किया गया, जो देश की औद्योगिक प्रगति में झारखंड की अहम भूमिका को दर्शाता है। इन खनिजों की मौजूदगी ने निवेशकों का ध्यान खींचा और राज्य के खनन उद्योग में नए अवसरों की संभावना को उजागर किया।


इसके साथ ही झारखंड ने कृषि क्षेत्र, खासकर रागी जैसी पोषण-समृद्ध फसल को भी विशेष स्थान दिया। पवेलियन में रागी से बने आटा, कुकीज, स्नैक्स और हेल्थ फूड उत्पादों ने आगंतुकों को प्रभावित किया। यह फसल न केवल आदिवासी और ग्रामीण किसानों के लिए लाभदायक है, बल्कि जलवायु-सहिष्णु खेती का बेहतर विकल्प भी माना जा रहा है। राज्य सरकार रागी उत्पादन और प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं पर काम कर रही है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
मेले में झारखंड की उपस्थिति ने यह संदेश स्पष्ट किया कि राज्य खनिज, कृषि और उद्योग तीनों क्षेत्रों में मजबूत और संतुलित विकास कर रहा है। निवेशकों के बीच बढ़ते भरोसे के साथ झारखंड एक उभरती हुई आर्थिक शक्ति के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

