चाईबासा और चक्रधरपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, 1,29,942 मामलों का निष्पादन
चाईबासा: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चाईबासा के तत्वावधान में चाईबासा व्यवहार न्यायालय और चक्रधरपुर अनुमंडल न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान कुल 1,29,942 मामलों का निष्पादन किया गया और 31,71,47,534 रुपये का समायोजन हुआ।


राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, रांची के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश ने आभासी माध्यम से किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा के अध्यक्ष के मार्गदर्शन में चाईबासा न्यायालय में नौ और चक्रधरपुर अनुमंडल न्यायालय में दो न्यायपीठों का गठन किया गया।

राष्ट्रीय लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन के 1,26,655 मामलों की सुनवाई हुई, जिसमें बैंक से संबंधित 1,527 वाद और अन्य 1,25,128 मामले शामिल थे। इसके अलावा विभिन्न न्यायालयों में लंबित 3,287 मामलों का भी निष्पादन किया गया, जिनमें अपराधिक सुलहनीय 2,572 वाद, बिजली विभाग से संबंधित 149, श्रम विभाग 4, मोटर दुर्घटना क्लेम 3, कुटुंब न्यायालय 15, एनआई एक्ट 10 और अन्य सिविल मामलों के 534 वाद शामिल थे।
प्राधिकरण के सचिव ने बताया कि झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार प्रत्येक तीन माह के अंतराल पर राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाता है, ताकि लोग अपने सुलहनीय मामलों का निष्पादन करवा सकें।
कार्यक्रम में कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, सिविल जज सीनियर डिविजन, एसडीजेएम, रेलवे दंडाधिकारी, न्यायिक दंडाधिकारी, उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष और अनुमंडल न्यायालय के न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे और उन्होंने अपने-अपने न्यायपीठों में मामलों का निष्पादन किया।
इस आयोजन के माध्यम से हजारों लोगों के लंबित मामलों का निपटान हुआ और न्याय प्रणाली को जनता के और करीब लाने का प्रयास सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

