पाकुड़ DC की बड़ी पहल: नशामुक्ति, स्वच्छता और साइबर सुरक्षा पर कड़ा निर्देश, जागरूकता को बताया सबसे प्रभावी हथियार
पाकुड़ समाहरणालय सभागार में मंगलवार को उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में नशामुक्ति, स्वच्छता और साइबर सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में डीसी ने स्पष्ट कहा कि नशा, गंदगी और साइबर ठगी—तीनों से निपटने का सबसे बड़ा हथियार जागरूकता ही है। उन्होंने बताया कि मन की, व्यवहार की और पर्यावरण की स्वच्छता मिलकर एक सुरक्षित और स्वस्थ समाज का निर्माण करती है। नशा न केवल व्यक्ति को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि परिवार और पूरे समाज पर गंभीर प्रभाव छोड़ता है।


उपायुक्त ने अधिकारियों और कर्मियों से अपील की कि वे नशे से दूरी बनाएं, कार्यालयों को साफ-सुथरा रखें और कार्यस्थल पर सकारात्मक माहौल बनाए रखें। जिले में नशामुक्ति अभियान को तेज गति से चलाने के भी निर्देश दिए गए। डीसी ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति नशा छोड़ने में परेशानी महसूस करता है, तो वह मनोचिकित्सक डॉ. प्रकाश मुर्मु (मोबाइल: 7667274788) की मदद ले सकता है।
साइबर अपराधों में वृद्धि पर चिंता जताते हुए उपायुक्त ने सभी विभागों को नियमित जागरूकता कार्यक्रम चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि फर्जी कॉल, मैसेज, लिंक और बैंकिंग धोखाधड़ी से बचने के लिए सावधानी जरूरी है। कार्यक्रम के अंत में डीसी ने सभी उपस्थित कर्मियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई और इसे जन आंदोलन बनाने का संकल्प दोहराया।

