पोटका में महिलाओं का प्रदर्शन, प्रखंड कार्यालय को सौंपा 9 सूत्री मांग पत्र
पोटका :


महिलाओं की समस्याओं और जनहित के मुद्दों को लेकर ऑल इंडिया महिला सांस्कृतिक संगठन (AIMSS) के नेतृत्व में मंगलवार को पोटका प्रखंड कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया गया। पोटका मध्य विद्यालय से जुलूस की शक्ल में निकली महिलाएं बैनर और तख्तियां लेकर प्रखंड कार्यालय पहुंचीं, जहां प्रखंड विकास पदाधिकारी को नौ सूत्री मांग पत्र सौंपा गया।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि आज की प्रतिक्रियाशील पूंजीवादी व्यवस्था में महिलाओं को एक मनुष्य नहीं बल्कि उपभोग की वस्तु के रूप में देखा जा रहा है। समाज में नैतिक मूल्यों का पतन इस हद तक हो चुका है कि मासूम बच्चियां तक यौन शोषण और बलात्कार की शिकार हो रही हैं। सरकार के अप्रत्यक्ष समर्थन से अश्लील विज्ञापन, पोर्नोग्राफी और शराब बिक्री का कारोबार बड़े पैमाने पर फल-फूल रहा है, जिसके चलते छात्र, युवा और आम लोग नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। नतीजतन महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। वक्ताओं ने यह भी कहा कि आज महिलाएं न तो सड़क पर सुरक्षित हैं, न कार्यस्थलों पर, न ही शिक्षण संस्थानों और घरों में।
इसके अलावा बेलगाम महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी समस्याओं ने आम जनता का जीना मुश्किल कर दिया है। महिलाओं ने मांग की कि झारखंड में पूर्ण शराबबंदी लागू हो, महिलाओं और बच्चियों के साथ हो रहे अपराधों पर सख्त रोक लगे तथा दोषियों को कड़ी सजा दी जाए। साथ ही वृद्धा, विधवा, विकलांग और अविवाहित सभी पेंशनधारियों को तीन हजार रुपये मासिक पेंशन की गारंटी दी जाए।
महिलाओं ने मनरेगा में 200 दिन का काम और पांच सौ रुपये मजदूरी देने, पीएम आवास एवं अबुआ आवास योजना को तुरंत शुरू करने और इसका प्राक्कलन राशि चार लाख रुपये तक बढ़ाने की भी मांग की। सहिया और मिड-डे मील में काम कर रहीं महिलाओं के मानदेय को बढ़ाकर 18 से 20 हजार रुपये करने की भी अपील की गई।
इस मौके पर संगठन की झारखंड राज्य सचिव सोनका महतो, संध्या रानी महतो, शिवरानी मुंडा, मिरू सरदार, मेनका धल, अंबिका महतो, प्यारी रोहिदास, सुनीता भक्त, सोना मनी, फूलमनी दयाल, बहमनी टुडू, जमुना धल, कमलिनी भगत, जयंती भगत, मालती कालिंदी, लोहा धल, सुनीता देव, लक्ष्मी मनी धीर और अलादीनी महतो सहित बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद थीं।

