राजनगर में सक्रिय चोरी गिरोह का पर्दाफाश, “कालू सरदार गैंग” के दो आरोपी गिरफ्तार
राजनगर | सरायकेला-खरसावाँ


राजनगर थाना क्षेत्र में लगातार सामने आ रही चोरी की घटनाओं पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने “कालू सरदार गैंग” नाम से सक्रिय गिरोह के दो शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह से जुड़े तीन विधि विरुद्ध किशोरों को निरुद्ध किया गया है।
जानकारी के अनुसार, बीते 25 दिसंबर 2025 को राजनगर थाना कांड संख्या 111/2025 दर्ज किया गया था। इस मामले में बांकसाई इलाके स्थित एक मोबाइल रिपेयरिंग दुकान और मेडिकल स्टोर को निशाना बनाकर नकद राशि, मोबाइल फोन समेत अन्य सामानों की चोरी की गई थी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए सरायकेला-खरसावाँ के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सरायकेला के नेतृत्व में एक विशेष जांच व छापामारी टीम का गठन किया गया। तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सुजित कुमार शर्मा उर्फ पुरी उर्फ कालू सरदार (उम्र 34 वर्ष) और सागर मुंडा (उम्र 23 वर्ष) को धर दबोचा।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे संगठित रूप से गिरोह बनाकर झारखंड के विभिन्न जिलों—पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावाँ, पश्चिम सिंहभूम—साथ ही ओडिशा के मयूरभंज जिले में चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। गिरोह रात के समय ताला तोड़कर दुकानों और घरों को निशाना बनाता था।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी से जुड़े कई मामलों का खुलासा किया है। अब तक राजनगर, चक्रधरपुर और मुफ्फसिल थाना क्षेत्रों के कुल पांच मामलों का सफलतापूर्वक उद्भेदन किया जा चुका है, जबकि अन्य जिलों से जुड़े मामलों की भी जांच जारी है।
बरामद सामान
चोरी किए गए दो मोबाइल फोन
नगद 3000 रुपये
चांदी की दो पायल
ताला काटने का लोहे का कटर
एक मोटरसाइकिल (JH05DV-5205)
चोरी में प्रयुक्त अन्य औजार
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मुख्य आरोपी सुजित कुमार शर्मा के खिलाफ पहले से ही 33 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से कई मामलों में आरोप पत्र न्यायालय में समर्पित किए जा चुके हैं।
इस पूरी कार्रवाई में राजनगर थाना प्रभारी विपुल कुमार ओझा, अनुसंधानकर्ता नंदजी राम गोंड, पुलिस बल एवं तकनीकी शाखा की अहम भूमिका रही।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को दें, ताकि समय रहते अपराध पर अंकुश लगाया जा सके।

