सरायकेला में पेयजल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में तेज हुई पहल, अध्यक्ष मनोज चौधरी ने की समीक्षा बैठक

सरायकेला: नगर क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या के स्थायी समाधान को लेकर सरायकेला नगर पंचायत ने प्रयास तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में सोमवार को नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें पेयजल आपूर्ति व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया।


बैठक में नगर पंचायत उपाध्यक्ष अविनाश कवि, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सहायक अभियंता एम.एल. गिलुवा, कनीय अभियंता प्रकाश गुप्ता और नगर प्रबंधक सुमित सुमन मौजूद रहे। इस दौरान वार्ड संख्या 10 और वार्ड संख्या 6 के उन क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा की गई, जहां गर्मी के मौसम में जलापूर्ति प्रभावित होने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।
बैठक में प्रभावित इलाकों में जल संकट के कारणों और उसके स्थायी समाधान पर विस्तार से चर्चा हुई। नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि इन क्षेत्रों के लोग पिछले कई वर्षों से गर्मी के दौरान पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। वर्तमान नगर पंचायत बोर्ड इस समस्या का अस्थायी नहीं बल्कि दीर्घकालिक समाधान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर विभागीय अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। साथ ही राज्य स्तर पर भी संबंधित मंत्री और विभागीय अधिकारियों के समक्ष समस्या को प्रमुखता से उठाया गया है ताकि आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक सहयोग प्राप्त हो सके।
बैठक में जल शोधन संयंत्र (WTP), इंटेक वेल, सम्प, जलमीनारों और वितरण नेटवर्क की पूर्व में की गई जांच के दौरान सामने आई तकनीकी खामियों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने जल उत्पादन, वितरण व्यवस्था, मोटर-पंप संचालन, विद्युत आपूर्ति और नेटवर्क प्रबंधन से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा करते हुए सुधारात्मक कदमों की जानकारी दी।
प्रभावित क्षेत्रों में राइजिंग लाइन के माध्यम से जलापूर्ति उपलब्ध कराने की संभावना पर भी विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों को इसकी तकनीकी व्यवहार्यता का अध्ययन कर जल्द रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट सकारात्मक होने पर संबंधित क्षेत्रों को राइजिंग लाइन से जोड़ने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि नगर क्षेत्र में अधिकांश घरों तक नियमित जलापूर्ति हो रही है, लेकिन कुछ स्थानों पर पुरानी तकनीकी समस्याओं के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। इन समस्याओं की जड़ तक पहुंचकर स्थायी समाधान निकालना ही नगर पंचायत का उद्देश्य है।
उन्होंने यह भी कहा कि नगर पंचायत केवल तात्कालिक समाधान पर नहीं बल्कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसके तहत जल शोधन संयंत्र की क्षमता वृद्धि, नए जलमीनारों का निर्माण और भविष्य के लिए 15 एमएलडी क्षमता वाली नई जलापूर्ति परियोजना पर भी विचार किया जा रहा है।
बैठक के अंत में निर्णय लिया गया कि प्रभावित क्षेत्रों की नियमित निगरानी की जाएगी और तकनीकी रूप से संभव सभी विकल्पों पर तेजी से कार्य कर लोगों को राहत पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि नगर पंचायत का लक्ष्य केवल वर्तमान समस्याओं का समाधान करना नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक मजबूत और टिकाऊ पेयजल व्यवस्था विकसित करना है।

