श्रीनाथ विश्वविद्यालय में वर्ल्ड फूड डे 2025: विज्ञान के ज़रिए जीवन पोषण का संदेश
सरायकेला।


श्रीनाथ विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ साइंस में गुरुवार को विश्व खाद्य दिवस 2025 उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस वर्ष का थीम था — “विज्ञान के माध्यम से जीवन का पोषण”। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वस्थ आहार, पोषण और सतत खाद्य प्रणाली के महत्व को समझाना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई, जिसे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) एस. एन. सिंह, रजिस्ट्रार डॉ. मौसुमी महतो और मुख्य अतिथि प्रो. अमर कुमार (सहायक प्राध्यापक, जूलॉजी विभाग, जमशेदपुर कोऑपरेटिव कॉलेज) ने संयुक्त रूप से किया।
मुख्य अतिथि प्रो. अमर कुमार ने “नेचुरल एंड बायोप्रोसेस्ड फूड: ए बायोलॉजिकल एस्पेक्ट” विषय पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने अपने संबोधन में बताया कि किस प्रकार विज्ञान और जैविक प्रक्रियाएँ पौष्टिक भोजन के उत्पादन और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करती हैं।
इस अवसर पर डॉ. सुमित रस्तोगी, डॉ. डॉली चक्रवर्ती, डॉ. पूजा गुप्ता, डॉ. ओजस्वनी मोहंता, श्री नीलब्जा बनर्जी, सुश्री मेघा मेते और सुश्री प्रेरणा सिन्हा समेत कई शिक्षाविद और छात्र मौजूद रहे। फार्मेसी विभाग के प्राचार्य प्रशांता कुमार महापात्रा ने भी उपस्थित रहकर आयोजन की सराहना की।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा “नो फायर हेल्दी एंड टेस्ट्री फूड स्टॉल प्रतियोगिता”, जिसमें विद्यार्थियों ने बिना आग का प्रयोग किए छह स्वास्थ्यवर्धक और स्वादिष्ट व्यंजन तैयार किए। जजों ने इन व्यंजनों का मूल्यांकन पोषण, प्रस्तुति और नवाचार के आधार पर किया। श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली टीमों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार प्रदान किए गए।
कार्यक्रम का समापन प्रेरणादायक माहौल में हुआ। आयोजकों ने उम्मीद जताई कि यह आयोजन विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन अपनाने, खाद्य विज्ञान की समझ बढ़ाने और सतत विकास के लक्ष्यों की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।

