सरायकेला-खरसावां : दीपावली व छठ पर्व को लेकर प्रशासन सख्त, बिना अनुमति पटाखा दुकान पर होगी कार्रवाई
सरायकेला-खरसावां : आगामी दीपावली एवं छठ पर्व को देखते हुए जिला प्रशासन सरायकेला-खरसावां ने आतिशबाज़ी के भंडारण, विक्रय और उपयोग को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पटाखों की बिक्री और प्रदर्शन केवल अनुमोदित स्थलों पर ही किए जा सकेंगे। बिना अनुमति संचालित किसी भी अस्थायी दुकान के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।


मुख्य दिशा-निर्देश (Explosives Rules, 2008 के अनुसार):
• आतिशबाज़ी का भंडारण केवल गैर-दहनशील पदार्थ से निर्मित, बंद एवं सुरक्षित शेड में किया जाएगा ताकि किसी अनधिकृत व्यक्ति की पहुँच न हो सके।
• प्रत्येक शेड एक-दूसरे से कम से कम तीन मीटर तथा किसी संरक्षित भवन या सार्वजनिक स्थल से न्यूनतम 50 मीटर की दूरी पर होगा।
• शेड आमने-सामने नहीं होंगे तथा सुरक्षा सीमा में तेल के दीये, गैस लैम्प या खुली लौ का प्रयोग वर्जित रहेगा।
• सभी विद्युत फिटिंग्स दीवार या छत पर स्थायी रूप से फिक्स की जाएंगी और प्रत्येक पंक्ति में एक मुख्य स्विच की व्यवस्था अनिवार्य होगी।
• आतिशबाज़ी की किसी दुकान से 50 मीटर के दायरे में प्रदर्शन की अनुमति नहीं होगी।
• किसी भी समूह में अधिकतम 50 अस्थायी दुकानों की ही अनुमति दी जाएगी।
• सभी दुकानों में कार्यशील अग्निशामक यंत्र का होना अनिवार्य है, और विक्रेता को उसके उपयोग की जानकारी होनी चाहिए।
• 125 डेसीबल (A) या 145 डेसीबल (C) से अधिक ध्वनि वाले पटाखों की बिक्री प्रतिबंधित है।
• 2.5 किलोग्राम से अधिक विस्फोटक या 0.5 किलोग्राम से अधिक अन्य श्रेणी के विस्फोटक को मजबूत, सीलबंद कंटेनर में ही रखा जाएगा।
• लाइसेंसधारी को फॉर्म-32 एवं फॉर्म-33 में स्टॉक एवं विक्रय का रिकॉर्ड रखना होगा।
• किसी भी चोरी, क्षति या विस्फोटक की कमी की सूचना तत्काल निकटतम थाना एवं लाइसेंसिंग प्राधिकारी को दी जाएगी।
• दुकानों में आतिशबाज़ी का प्रदर्शन खिड़कियों या ऊपरी भाग में नहीं किया जाएगा।
• बिक्री हेतु प्रत्येक पैकेट सीलबंद स्थिति में होना चाहिए।
आम नागरिकों के लिए प्रशासन की अपील:
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे दीपावली और छठ पर्व के दौरान सुरक्षित और जिम्मेदार आतिशबाज़ी करें। बच्चे केवल वयस्कों की निगरानी में ही पटाखे फोड़ें। ज्वलनशील वस्त्रों से बचें और जलते पटाखों के पास पानी या अग्निशामक यंत्र अवश्य रखें।
अस्पताल, विद्यालय, पेट्रोल पंप, वृद्धाश्रम और गैस पाइपलाइन के नज़दीक पटाखे न चलाने की सलाह दी गई है।
साथ ही प्रशासन ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए नागरिकों से कम ध्वनि और कम धुएँ वाले पटाखों का प्रयोग करने की अपील की है।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति या नियमों का उल्लंघन करते हुए किसी भी अस्थायी पटाखा दुकान या व्यक्ति के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

