ट्रैक मेंटेनर की सुरक्षा को लेकर रेल प्रशासन गंभीर नहीं : चांद मोहम्मद
चक्रधरपुर(प्रकाश कुमार गुप्ता): चक्रधरपुर मंडल में एक बार फिर ट्रैक मेंटेनर की जान जाने की दुखद घटना सामने आई है। सोमवार सुबह चक्रधरपुर मंडल के अंतर्गत पीडब्ल्यूआई मनोहरपुर सेक्शन के घाघरा किलोमीटर 369/3A–5A थर्ड लाइन ग्रेड पर कार्य कर रहे ट्रैक मेंटेनर मंगल केरकेट्टा की ट्रेन संख्या 18029 शालीमार–कुर्ला एक्सप्रेस की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसे के समय वे थर्ड लाइन में की-मैन का कार्य कर रहे थे। इस घटना से रेलवे कर्मचारियों और उनके परिवारों में शोक की लहर है।


ऑल इंडिया रेलवे ट्रैक मेंटेनर यूनियन के प्रतिनिधि चांद मोहम्मद ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि यह बहुत ही पीड़ादायक है कि अब तक चक्रधरपुर मंडल में 11 ट्रैक मेंटेनरों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद रेल प्रशासन ट्रैक मेंटेनरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रैक मेंटेनर दिन-रात रेलवे ट्रैक की सुरक्षा में लगे रहते हैं, लेकिन उनकी खुद की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं।
चांद मोहम्मद ने बताया कि यूनियन की ओर से रेल प्रशासन को कई बार लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया गया है कि ट्रैक मेंटेनरों की जान की सुरक्षा के लिए ‘रक्षक डिवाइस’ जल्द से जल्द उपलब्ध कराया जाए। यह डिवाइस ट्रैक पर काम कर रहे कर्मचारियों को आने वाली ट्रेनों की सूचना देकर बड़े हादसों को रोक सकती है। बावजूद इसके अब तक इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
ऑल इंडिया रेलवे ट्रैक मेंटेनर यूनियन ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और मांग की है कि चक्रधरपुर मंडल सहित पूरे रेलवे क्षेत्र में ट्रैक मेंटेनरों को रक्षक डिवाइस तुरंत उपलब्ध कराई जाए। यूनियन का कहना है कि जब तक ट्रैक मेंटेनर सुरक्षित नहीं होंगे, तब तक रेलवे ट्रैक की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी मुश्किल होगा।

