सेना के शौर्य को वकीलों का कोटि-कोटि प्रणाम
भारतीय सेना ने एक बार फिर से अपनी वीरता और शौर्य का परिचय दिया है। हाल ही में पहलगाम के नृशंस हत्या मामले के जिम्मेदार आतंकी संगठनों के पाक अधिकृत कश्मीरी एवं पाकिस्तान के नौ प्रशिक्षण केंद्रों को ऑपरेशन सिंदूर द्वारा ध्वस्त करने की कार्रवाई ने सेना की क्षमता और संकल्प को प्रदर्शित किया है।


जमशेदपुर के वकीलों ने इस अवसर पर न्यायालय परिसर में तिरंगा लहराया और भारत माता की जय, वंदे मातरम, जय हिंद, जय हिंद सेना के नारों के साथ अपनी एकजुटता प्रदर्शित की। अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने कहा कि सेना की इस वीरता को देश के अरबों लोगों का समर्थन प्राप्त है और यह एक मजबूत संदेश है कि देश की सुरक्षा और संप्रभुता सर्वोपरि है।
भारतीय सेना विश्व की चौथी बड़ी शक्ति है और इसके रहते देश और देशवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित है। सेना ने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी हालत में देश की सुरक्षा और सम्मान से समझौता नहीं करेगी। अधिवक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि आतंकवाद के संरक्षणदाता पाकिस्तान को सबक सिखाना आवश्यक है और उसकी भौगोलिक सीमा में बदलाव की जरूरत है।
अधिवक्ताओं ने अपनी एकजुटता प्रदर्शित करते हुए कहा कि भारत आतंकवाद को कभी सहन नहीं कर सकता है। देश की रक्षा और सुरक्षा के लिए सेना की भूमिका महत्वपूर्ण है और उसे हर संभव समर्थन दिया जाना चाहिए। अधिवक्ताओं ने सेना की वीरता को सलाम किया और उनके साथ अपनी एकजुटता दिखाई।
वकीलों ने कहा कि सेना की इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि देश की सुरक्षा और संप्रभुता सर्वोपरि है। उन्होंने सेना की वीरता की प्रशंसा की और कहा कि यह एक मजबूत संदेश है कि देश की सुरक्षा के लिए सेना किसी भी हद तक जा सकती है।

