Sunday, June 7, 2026
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राजनगर में जर्जर धान अधिप्राप्ति भवन पर चला बुलडोजर, हाल ही में मरम्मत किए गए भवन को तोड़े जाने पर उठे सवाल

 

राजनगर:-प्रखंड मुख्यालय स्थित वर्षों पुराने एवं जर्जर धान अधिप्राप्ति भवन को प्रशासन द्वारा बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया। भवन की खराब स्थिति को देखते हुए इसे गिराने की कार्रवाई की गई, लेकिन इस दौरान परिसर में मौजूद एक ऐसे भवन को भी तोड़ दिया गया, जिसकी हाल ही में मरम्मत कराई गई थी। इसे लेकर स्थानीय लोगों के बीच चर्चा और सवालों का दौर शुरू हो गया है।

जानकारी के अनुसार, धान अधिप्राप्ति केंद्र का पुराना भवन लंबे समय से जर्जर अवस्था में था और किसी भी समय दुर्घटना का कारण बन सकता था। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने भवन को ध्वस्त करने का निर्णय लिया। बुलडोजर की मदद से पूरे भवन को जमीनदोज कर दिया गया, जिससे आसपास के लोगों ने राहत की सांस ली।

हालांकि, कार्रवाई के दौरान एक ऐसे भवन को भी तोड़ दिया गया, जिसकी हाल ही में मरम्मत और रंग-रोगन का कार्य कराया गया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि भवन को तोड़ना ही था तो उस पर सरकारी राशि खर्च कर मरम्मत क्यों कराई गई। लोगों ने इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों से स्पष्ट जवाब देने की मांग की है।

ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि सरकारी योजनाओं में खर्च होने वाले धन का सही उपयोग होना चाहिए। हाल ही में मरम्मत किए गए भवन को ध्वस्त किए जाने से सरकारी राशि की बर्बादी की आशंका जताई जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि भवन पहले से ही ध्वस्तीकरण की सूची में था तो मरम्मत कार्य कराने की आवश्यकता नहीं थी।

वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि भवनों की स्थिति और भविष्य की योजनाओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की गई है। मामले को लेकर लोगों के बीच कई तरह की चर्चाएं हैं और अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित विभाग इस संबंध में क्या स्पष्टीकरण देता है।

स्थानीय लोगों ने मामले की जांच कर जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करने तथा सरकारी धन के उपयोग की समीक्षा करने की मांग की है। यह मुद्दा क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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