RTI के जरिए सरायकेला उत्पाद विभाग की कार्यप्रणाली पर उठेंगे सवाल, मांगी गई इंस्पेक्टरों के कार्यकाल की पूरी रिपोर्ट

सरायकेला: सरायकेला-खरसावां उत्पाद विभाग में लंबे समय से पदस्थापित उत्पाद निरीक्षकों के कार्यकाल और उपलब्धियों को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत विभाग से उत्पाद निरीक्षक अखिलेश झा और नीरज सिंह की पदस्थापना तिथि, उनके कार्यकाल के दौरान की गई छापेमारी, दर्ज मामलों, गिरफ्तारियों और जब्त की गई अवैध शराब एवं अन्य सामग्री का विस्तृत ब्योरा मांगा गया है।


RTI आवेदन में यह जानकारी भी मांगी गई है कि दोनों अधिकारियों की जॉइनिंग से अब तक कितनी कार्रवाई की गई, कितने लोगों की गिरफ्तारी हुई और कितने मामलों में आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई।
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि उत्पाद विभाग द्वारा समय-समय पर कई छापेमारी अभियान चलाए गए, लेकिन अधिकांश मामलों में मुख्य संचालकों के गिरफ्त से बाहर रहने की बातें सामने आती रही हैं। अब RTI के माध्यम से प्राप्त होने वाली आधिकारिक जानकारी से विभागीय कार्रवाई की वास्तविक तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।
सूत्रों का कहना है कि विभाग की कार्रवाई, जब्ती और गिरफ्तारी के आंकड़ों को लेकर कई तरह के सवाल लंबे समय से उठते रहे हैं। ऐसे में RTI से मिलने वाला जवाब यह स्पष्ट करेगा कि संबंधित अधिकारियों के कार्यकाल में अवैध शराब और उत्पाद अपराधों के खिलाफ कितनी प्रभावी कार्रवाई हुई।
अब निगाहें उत्पाद विभाग के जवाब पर टिकी हैं। RTI के तहत मांगी गई जानकारी सार्वजनिक होने के बाद यह साफ हो सकेगा कि लंबे समय से एक ही जिले में कार्यरत अधिकारियों का प्रदर्शन कैसा रहा और विभागीय कार्रवाई का वास्तविक रिकॉर्ड क्या कहता है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है— क्या RTI के जवाब से सरायकेला उत्पाद विभाग की कार्यशैली पर उठ रहे सवालों का जवाब मिलेगा, या फिर नए सवाल खड़े होंगे?


