भक्ति, उल्लास और जयघोष के साथ महाप्रभु जगन्नाथ की बांउड़ा यात्रा सम्पन्न
कुकड़ू: मौसी बाड़ी से भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा निज मंदिर लौटे


कुकड़ू : रथ यात्रा महापर्व के दूसरे प्रमुख चरण बांउड़ा यात्रा के अवसर पर शनिवार को को महाप्रभु जगन्नाथ, भगवान बलभद्र एवं देवी सुभद्रा की वापसी यात्रा श्रद्धा, उत्साह एवं भक्ति भाव से सम्पन्न हुई। कुकड़ू बाजार स्थित मौसी बाड़ी से तीनों भगवान अपने निज मंदिर की ओर रथों पर सवार होकर सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में जयघोष के बीच रवाना हुए। बांउड़ा यात्रा वह पावन दिन होता है, जब भगवान एक सप्ताह के विश्राम उपरांत अपनी मौसी के घर से वापस लौटते हैं। परंपरा के अनुसार, भगवान बलभद्र का रथ ‘तलध्वज’, देवी सुभद्रा का रथ ‘दर्पदलन’, एवं भगवान जगन्नाथ का रथ ‘नंदीघोष’ भव्य सजावट के साथ कुकड़ू मुख्य बाजार क्षेत्र में भ्रमण करते हुए गंतव्य पहुंचे। वापसी यात्रा के दौरान श्रद्धालु ‘हरि बोल’, ‘जय जगन्नाथ’ जैसे नारों से वातावरण को भक्तिमय बनाए हुए थे। जगह-जगह पुष्प वर्षा और स्वागत मंडपों के माध्यम से श्रद्धालुओं ने रथों का अभिनंदन किया। इस शुभ अवसर पर पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष अशोक साव, तिरुलडीह थाना प्रभारी अविनाश कुमार, कुकड़ू पंचायत के उप मुखिया प्रतिनिधि मनोज कुमार मछुआ, जगन्नाथ कुमार, पंडित नरेंद्र नाथ हाजरा समेत सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित थे।


