भारत बंदी के समर्थन में एसयुसीआई (सी) ने निकाली रैली, श्रम कानूनों में बदलाव का किया विरोध
ईचागढ़ : बुधवार को सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (कम्युनिस्ट) पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने मजदूर-किसानों द्वारा आहूत भारत बंदी के समर्थन में चांडिल बाजार में रैली और सभा का आयोजन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार की श्रमिक-विरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और पुरज़ोर तरीके से विरोध जताया। सभा को संबोधित करते हुए पार्टी के चांडिल अनुमंडल कमेटी प्रभारी अनंत कुमार महतो ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार मौजूदा 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर 4 लेबर कोड लागू करना चाहती है, जिससे मजदूरों के दशकों के संघर्ष से हासिल अधिकार छीन लिए जाएंगे और पूंजीपतियों को मजदूरों का शोषण करने की खुली छूट मिल जाएगी।


पार्टी की जिला कमेटी के सदस्य आशुदेव महतो ने कहा कि हम हायर एंड फायर नीति को रद्द करने, काम के घंटों में अनुचित बढ़ोतरी रोकने, 26,000 रूपये न्यूनतम वेतन लागू करने, स्कीम वर्करों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, ठेकेदारी प्रथा खत्म करने, सभी कच्चे कर्मचारियों को स्थायी करने, बेरोजगारों को रोजगार देने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, बिजली दर और रेल भाड़ा में की गई वृद्धि वापस लेने, शिक्षा के निजीकरण पर रोक लगाने और बंद स्कूलों को फिर से खोलने जैसी मांगों को लेकर इस हड़ताल में शामिल हुए हैं। मजदूर नेता बुद्धेश्वर माझी ने मजदूरों, किसानों, छात्रों, नौजवानों, महिलाओं और कर्मचारियों से भारत बंद को सफल बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ श्रमिकों की नहीं, बल्कि हर आम नागरिक की लड़ाई है। इस कार्यक्रम में हराधन महतो, धीरेन गौड़, भुजंग मछुआ, युधिष्ठिर प्रामाणिक, राजा प्रामाणिक, नेपाल किस्कू, मदन हांसदा समेत कई अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।



