सरायकेला नगर पंचायत में भ्रष्टाचार का आरोप, पूर्व उपाध्यक्ष ने उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन
सरायकेला नगर पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने नगर पंचायत के प्रशासक शेखर सुमन पर गंभीर आरोप लगाते हुए उपायुक्त को एक लिखित शिकायत सौंपी है। उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि वर्तमान प्रशासक अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं और अधीनस्थ कर्मचारियों पर अनैतिक कार्यों का दबाव बना रहे हैं। कर्मचारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है और आम जनता से भी डर और दबाव के माहौल में काम करवाया जा रहा है।


पूर्व उपाध्यक्ष का कहना है कि नगर विकास विभाग द्वारा नगर पंचायत कार्यालय की क्षमता बढ़ाने के लिए जो पचास लाख रुपये का बजट आया था, उसमें बड़े पैमाने पर घोटाला हुआ है। उन्होंने बताया कि उस पैसे से की गई खरीदारी में बाजार मूल्य से कई गुना अधिक राशि खर्च की गई। सस्ती और नन-ब्रांडेड चीजें खरीदकर उनका दाम कई गुना दिखाकर भुगतान किया गया। कई सामान तो ऐसे हैं जिनकी आपूर्ति तक नहीं हुई, लेकिन भुगतान कर दिया गया। जैसे, कुछ टॉयलेट दरवाजे, दीवार घड़ी, सोफा सेट आदि की खरीद दिखाकर पैसे निकाल लिए गए, जबकि वो कार्यालय में कभी दिखे ही नहीं।
उनका यह भी कहना है कि प्रशासक के कार्यकाल में जितनी भी खरीददारी हुई है, चाहे वह डीजल हो, ट्रैक्टर-ट्रॉली हो, बिजली के उपकरण हों या पानी की टंकी — सभी में जमकर घोटाला हुआ है। नगर पंचायत का हर कर्मचारी इनकी दबंगई से डरा हुआ है और मजबूरी में इनके आदेशों का पालन कर रहा है, भले ही वे आदेश नियमों के खिलाफ हों।
पूर्व उपाध्यक्ष ने उपायुक्त से आग्रह किया है कि इन सभी अनियमितताओं की निष्पक्ष और जल्द जांच करवाई जाए और जांच पूरी होने तक प्रशासक शेखर सुमन को नगर पंचायत के कार्यों से हटाया जाए। उनका कहना है कि जनता के पैसे की खुली लूट को अब और बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

