शिबू सोरेन को वकीलों ने दी श्रद्धांजलि, न्यायालय परिसर में रखा गया दो मिनट का मौन
जमशेदपुर, 4 अगस्त 2025


झारखंड अलग राज्य आंदोलन के प्रणेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर पूरे राज्य में शोक की लहर है। इसी क्रम में जमशेदपुर के जिला व्यवहार न्यायालय परिसर में अधिवक्ता समुदाय ने शोक सभा का आयोजन कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
न्यू बार बिल्डिंग परिसर में आयोजित इस शोक सभा में वकीलों ने दो मिनट का मौन धारण कर दिवंगत नेता को नमन किया। इस अवसर पर समाजवादी चिंतक सुधीर कुमार पप्पू ने कहा कि “आदिवासियों की अस्मिता और झारखंड की आत्मा आज खामोश है। दिशोम गुरु ने सूदखोरी के खिलाफ लड़ाई लड़ी, आदिवासी चेतना को जगाया और पृथक झारखंड राज्य के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।”
पूर्व लोक अभियोजक पीएन गोप ने कहा कि शिबू सोरेन ने झारखंड के भूमि पुत्रों के सदियों पुराने सपनों को दिशा दी। उनके पुत्र हेमंत सोरेन उनके विचारों को आगे बढ़ा रहे हैं और जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
इस मौके पर अधिवक्ता रतन चक्रवर्ती, टीएन ओझा, प्रीति ओझा, कुलविंदर सिंह, कोमल वर्मा, गणेश टुडू, रामजीत पांडेय, राज कुमार शर्मा, पवन कुमार, राजू सिंह, नरहरी आचार्य, चंदन भट्टाचार्य, राहुल राय, सुनील महतो, बबीता जैन, सेटिंग बरला, मुक्ति रानी सुकांति हेंब्रम, धनेश्वर महतो, ओम प्रकाश सिंह, धनुराम हेंब्रम, मनोज मेलगांडी, उमेश साहू, राहुल यादव सहित दर्जनों अधिवक्ताओं ने भाग लिया।
सभा में दिशोम गुरु के निधन को झारखंड की राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षति बताया गया।

