नेमरा में ऐतिहासिक श्राद्ध भोज, सात किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचे लोग
दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन के श्राद्धकर्म भोज में जनसमूह की गहरी भावनाएँ झलकती दिखीं। बरलंगा चौक से लेकर नेमरा गांव तक लगभग सात किलोमीटर पैदल चलकर हजारों लोग श्रद्धांजलि और भोज में शामिल होने पहुंचे। शनिवार सुबह से देर रात तक श्रद्धालुओं का कारवां लगातार आयोजन स्थल की ओर बढ़ता रहा। कुम्हरदगा, नरसिंहडीह समेत आसपास के पहाड़ी रास्तों और खेत-खलिहानों से भी लोग कतारबद्ध होकर शांतिपूर्वक आगे बढ़ते नज़र आए।


हेलीकॉप्टर से पहुंचे अतिथि
नेमरा गांव में आयोजित इस श्राद्धकर्म ने ऐतिहासिक रूप ले लिया, जहां लाखों लोगों की उपस्थिति दर्ज हुई। सुबह 11 बजे सबसे पहले राज्यपाल संतोष गंगवार का हेलीकॉप्टर पैतृक आवास के समीप हेलीपैड पर उतरा। नगर विकास मंत्री सुदीव्य कुमार सोनू और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने राज्यपाल का स्वागत किया। राज्यपाल ने दिवंगत शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन व परिवारजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की।
इसी दौरान योग गुरु बाबा रामदेव भी नेमरा पहुंचे। उन्होंने गांववासियों से संवाद किया और इलाके की जड़ी-बूटियों की महत्ता पर प्रकाश डाला। बाबा रामदेव ने शिबू सोरेन की तस्वीर पर श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी पत्नी रूपी सोरेन के चरण छूकर आशीर्वाद लिया।
केंद्रीय नेतृत्व की मौजूदगी
श्राद्धकर्म भोज में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ भी पहुंचे। हेलीकॉप्टर से उतरते ही उन्होंने ग्रामीणों का अभिवादन स्वीकार किया और पैतृक आवास जाकर शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की।
इसके अलावा तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, बिहार के सांसद पप्पू यादव समेत कई गणमान्य लोग नेमरा पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की।

