दिल्ली का षड्यंत्र और झारखंडी अस्मिता पर प्रहार: सरायकेला में JMM ने किया पुतला दहन
सरायकेला। केंद्र सरकार द्वारा संसद में लाए गए कथित 130वें संविधान संशोधन विधेयक के विरोध में रविवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की जिला कमेटी, सरायकेला-खरसावां ने जोरदार प्रदर्शन किया। जिला मुख्यालय स्थित गैरेज चौक पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का पुतला दहन किया।


कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे झामुमो जिला अध्यक्ष डॉ. शुभेंदु महतो ने इसे “दिल्ली का षड्यंत्र और झारखंडी अस्मिता पर हमला” करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित विधेयक झारखंड की चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने और जनादेश का अपमान करने की साजिश है।
डॉ. महतो ने कहा, “दिल्ली में बैठी ताक़तें यह चाहती हैं कि झारखंड में जनता की चुनी हुई सरकार कभी भी बर्खास्त कर दी जाए। यह न सिर्फ भगवान बिरसा मुंडा के उलगुलान का अपमान है, बल्कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन के संघर्षों को भी कमजोर करने की कोशिश है। हम जल, जंगल और जमीन की राजनीति करते हैं, यही बात दिल्ली के शासकों को नागवार गुजरती है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि जब चुनाव में भाजपा झारखंड मुक्ति मोर्चा को नहीं हरा पाई, तो एजेंसियों और विधायकों की खरीद-फरोख्त के जरिए सरकार गिराने का प्रयास किया गया। “अब जब सारी कोशिशें नाकाम हो गईं, तो संविधान के जरिए तानाशाही थोपने की योजना बनाई जा रही है,” उन्होंने कहा।
झामुमो नेताओं ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक दरअसल झारखंड के जनादेश को कमजोर करने और आदिवासी मुख्यमंत्री को अस्थिर करने का प्रयास है। उन्होंने सवाल किया – “क्या झारखंड दिल्ली की कॉलोनी है? क्या यहां की जनता का वोट और अधिकार महज कागज का टुकड़ा है?”
डॉ. महतो ने कहा कि पार्टी इस तथाकथित संशोधन विधेयक का पुरजोर विरोध करेगी और जनता की एकता के बल पर इसे रोकने का काम करेगी।
पुतला दहन कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख नेता:
पूर्व प्रत्याशी गणेश माहली, केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य गणेश चौधरी, जिला सचिव बैद्यनाथ टुडू, केंद्रीय सदस्य बिशु हेंब्रम, जिला उपाध्यक्ष भूंडा बेसरा, भोला मोहंती, सह सचिव जगदीश महतो, आदित्यपुर महानगर सचिव कृष्णा महतो, छात्र मोर्चा जिला अध्यक्ष सुदामा हेंब्रम समेत दर्जनों नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे।

