राजनगर के डांडू और खोकरो में आपदा पीड़ित परिवारों से मिले पूर्व सीएम चंपाई सोरेन
राजनगर।


राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और स्थानीय विधायक चंपाई सोरेन शनिवार को राजनगर प्रखंड के डांडू और खोकरो गाँव पहुँचे। उन्होंने आपदा में प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और हर संभव सहयोग का भरोसा दिया।
डांडू गाँव में चंपाई सोरेन ने संतोष लोहार के जर्जर और बारिश में ढहे मकान का निरीक्षण किया। इस घटना में खोकरो से आई उनकी भगिनी और सात वर्षीय बच्चे की मौत हो गई थी। सोरेन ने सीओ श्रवण कुमार को मौके पर बुलाकर प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे कर पीएम आवास योजना के तहत सहायता देने को कहा।
उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकारी मदद के साथ-साथ वे स्वयं भी पीड़ित परिवार को गोद लेकर मकान निर्माण में सहयोग करेंगे। संतोष लोहार की पत्नी और बेटी के इलाज का जिम्मा भी उन्होंने अपने स्तर से उठाने की घोषणा की।
मौके पर उन्होंने नगड़ी भूमि विवाद और सूर्या हांसदा एनकाउंटर मामले को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि नगड़ी की भूमि कृषि भूमि है और इसका कोई विधिवत अधिग्रहण नहीं हुआ था, इसके बावजूद सरकार जबरन घेराबंदी कर संस्थान निर्माण करना चाहती है। उन्होंने इसे आदिवासी-मूलवासी विरोधी कदम बताया।
साथ ही, सूर्या हांसदा की मौत को पुलिस मुठभेड़ में हुई कार्रवाई की बजाय “फर्जी एनकाउंटर” करार देते हुए चंपाई सोरेन ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की। उनका कहना था कि सूर्या हांसदा समाज सेवा में जुड़े थे और खनन माफियाओं के खिलाफ आवाज उठाते थे, जिसके कारण उन्हें साजिशन निशाना बनाया गया।

