घाटशिला उपचुनाव : त्रिकोणीय मुकाबले की आहट, गरमाई सियासत
जमशेदपुर :


झारखंड के पूर्व मंत्री स्व. रामदास सोरेन के निधन से खाली हुई घाटशिला विधानसभा सीट पर उपचुनाव की सियासी सरगर्मी तेज हो गई है।
यह चुनाव केवल एक सीट का नहीं, बल्कि बड़े नेताओं और दलों की प्रतिष्ठा और भविष्य से जुड़ा हुआ माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक़, झामुमो से स्व. रामदास सोरेन के बेटे सोमेश सोरेन को टिकट मिलना लगभग तय है। पार्टी को उम्मीद है कि सहानुभूति और परंपरागत वोट बैंक उन्हें मज़बूती देगा। दूसरी ओर भाजपा से चर्चा है कि पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन चुनावी मैदान में उतर सकते हैं।
वहीं, इस उपचुनाव को और दिलचस्प बनाने वाला पहलू है झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLM) का मैदान में उतरना। पार्टी के सुप्रीमो टाइगर जयराम महतो हाल के दिनों में झारखंड ही नहीं, बल्कि उड़ीसा, हैदराबाद और मुंबई जैसे बड़े शहरों में भी विशाल सभाएँ कर चुके हैं। उनकी बढ़ती लोकप्रियता और लगातार मिल रहे जनसमर्थन को देखकर अंदेशा जताया जा रहा है कि घाटशिला में इस बार मुकाबला सीधे तौर पर त्रिकोणीय हो सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि –
झामुमो सहानुभूति और संगठन पर भरोसा कर रही है।
भाजपा इसे चंपाई सोरेन के राजनीतिक भविष्य की अग्निपरीक्षा बनाने में जुटी है।
जबकि जयराम महतो का झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा बदलाव, युवाओं और जनसरोकारों के मुद्दे पर जनता का ध्यान खींच रहा है।

