झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से युवक की मौत, सड़क जाम कर परिजनों ने किया प्रदर्शन
गिरिडीह जिले के गावां थाना क्षेत्र अंतर्गत माल्डा स्थित पांडेडीह मोड़ के पास एक क्लीनिक में इलाज के दौरान एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान भैरव तिवारी (माल्डा निवासी) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि इलाज के नाम पर झोलाछाप डॉक्टर ने लगातार तीन इंजेक्शन लगाए, जिससे युवक की हालत गंभीर हो गई और अंततः उसकी मौत हो गई।


घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने पटना–पिहरा मुख्य मार्ग को पांडेडीह मोड़ के पास शव रखकर जाम कर दिया। लोगों ने जोरदार प्रदर्शन कर झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की माँग की।
परिजनों ने आरोप लगाया कि झोलाछाप डॉक्टर हरी दास की लापरवाही के कारण भैरव तिवारी की मौत हुई है। बताया गया कि शुक्रवार सुबह भैरव तिवारी को अचानक सीने में दर्द हुआ। उसका भाई रूपेश तिवारी उसे बाइक से क्लीनिक लेकर गया, जहाँ बिना उचित जांच के तीन इंजेक्शन दिए गए। स्थिति बिगड़ने पर डॉक्टर ने उसे गावां सरकारी अस्पताल भेज दिया, जहाँ डॉक्टर काजिम खान ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक भैरव तिवारी अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गया है। उसकी मौत से परिवार में कोहराम मच गया है और पूरे गाँव में शोक की लहर दौड़ गई है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर गहरा रोष व्यक्त किया है।
घटना के बाद क्लीनिक बंद कर झोलाछाप डॉक्टर फरार हो गया है। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है और परिजनों की शिकायत पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

