कुकड़ू-ईचाडीह 4.3 किलोमीटर सड़क जर्जर, ग्रामीणों ने उठाई जीर्णोद्धार की मांग
2002 से बिना मरम्मत कुकड़ू-ईचाडीह सड़क, मजबूरी में फिर श्रमदान करेंगे ग्रामीण


ईचागढ़: सरायकेला जिले के कुकड़ू प्रखंड अंतर्गत ईचाडीह पंचायत को प्रखंड मुख्यालय से जोड़ने वाली कुकड़ू भाया ईचाडीह चौका सड़क लंबे समय से बदहाली की मार झेल रही है। जगह-जगह गड्ढों से भरी इस सड़क पर आवागमन ग्रामीणों के लिए रोजमर्रा की चुनौती बन गया है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी दयनीय हो जाती है, जिससे पैदल चलने वालों से लेकर वाहन चालकों तक को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
पंचायत की बैठक और श्रमदान का निर्णय
ग्रामीणों की लगातार मांग और विभागीय उदासीनता के बीच शनिवार को पंचायत स्तर पर एक बैठक आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता ईचाडीह पंचायत मुखिया चित्तरंजन सिंह मुंडा ने की। बैठक में लोगों ने बताया कि यह सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत वर्ष 2002 में बनी थी, लेकिन इसके बाद कभी मरम्मत नहीं हुई। पूर्व जिप उपाध्यक्ष अशोक साव ने कहा कि पिछले वर्ष भी ग्रामीणों ने श्रमदान कर अस्थायी मरम्मत की थी। इस बार भी सामूहिक सहयोग से सड़क की मरम्मत की जाएगी ताकि आवागमन सुचारु रह सके।
ग्रामीणों ने की स्थायी समाधान की मांग
बैठक के अंत में पंचायत मुखिया चित्तरंजन सिंह मुंडा ने कहा कि यदि सरकार की ओर से जल्द स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से उच्च अधिकारियों से मुलाकात कर समस्या उठाई जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों से श्रमदान में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की। इधर जानकारी के अनुसार, 4.3 किलोमीटर सड़क जीर्णोद्धार के लिए टेंडर जारी हो चुका है, लेकिन तकनीकी कारणों से प्रक्रिया अब तक अंतिम चरण तक नहीं पहुँच पाई है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि सरकार जल्द इस दिशा में ठोस कदम उठाएगी।


