सरायकेला-खरसावां पुलिस ने अफीम की अवैध खेती रोकने के लिए शुरू किया प्री कल्टीवेशन ड्राइव
सरायकेला-खरसावां। जिले में अफीम की अवैध खेती को रोकने और उसकी संभावना को नगण्य करने के उद्देश्य से सरायकेला-खरसावां पुलिस ने विशेष अभियान प्री कल्टीवेशन ड्राइव की शुरुआत की है। इस अभियान का मकसद जिले के ग्रामीण इलाकों में लोगों को जागरूक कर अफीम की अवैध खेती पर अंकुश लगाना और वैकल्पिक खेती को बढ़ावा देना है।


अभियान के तहत रविवार को जिले के कई थाना क्षेत्रों में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। खरसावां थाना क्षेत्र के रीडिंग बाजार, कुचाई थाना क्षेत्र के बीन्गकुटा गांव, दलभंगा ओपी क्षेत्र के दलभंगा बाजार और ईचागढ़ थाना क्षेत्र के डूमटांड़ बाजार में पुलिस अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने स्थानीय लोगों से संवाद किया। इस दौरान थाना प्रभारियों ने ग्रामीणों को स्थानीय भाषा में अफीम की खेती के दुष्परिणामों के साथ-साथ इससे जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अफीम की अवैध खेती करना कानूनन गंभीर अपराध है, जिसके लिए कड़ी सजा का प्रावधान है।
पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अफीम की खेती से दूर रहें और इसके स्थान पर वैकल्पिक खेती अपनाएं, जिससे न केवल उनकी आय में वृद्धि होगी बल्कि समाज में भी सकारात्मक संदेश जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा कई योजनाओं के माध्यम से किसानों को वैकल्पिक फसलों के लिए सहायता प्रदान की जा रही है, जिसका लाभ लेकर वे बेहतर आजीविका प्राप्त कर सकते हैं।
सरायकेला-खरसावां पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अफीम की अवैध खेती किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए निगरानी तंत्र को मजबूत किया गया है और पुलिस नियमित रूप से ग्रामीण इलाकों में जाकर लोगों को जागरूक कर रही है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि जिले को नशामुक्त और आत्मनिर्भर बनाया जा सके।

