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कुड़मी समाज का हक-अधिकार आंदोलन तेज, जमशेदपुर और रांची में रैलियों की रूपरेखा तय

जमशेदपुर: अपने हक और अधिकारों की रक्षा के लिए कुड़मी समाज पुनः आंदोलन का रुख करने वाला है। इसी क्रम में आज स्थानीय निर्मल गेस्ट हाउस में कोल्हानस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें ‘वृहद झारखंड कुड़मी समन्वय समिति’ का गठन किया गया। बैठक के बाद समिति के संयोजक हरमोहन महतो, शीतल ओहदार और कुड़मी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष शैलेंद्र महतो ने आगामी आंदोलन और रैलियों की रूपरेखा की घोषणा की।

 

समिति ने तय किया कि राज्य के विभिन्न प्रमंडलों में तिथिवार आंदोलन आयोजित होंगे। इसकी शुरुआत 2 नवंबर को हजारीबाग, 16 नवंबर को बोकारो के चंदनकियारी, 23 नवंबर को जमशेदपुर, 2 दिसंबर को धनबाद और 14 दिसंबर को बोकारो के नावाडीह में होगी। इसके बाद 11 जनवरी 2026 को रांची के मोरहाबादी मैदान में एक विशाल महारैली का आयोजन किया जाएगा। इन रैलियों को ‘कुड़मी अधिकार रैली’ का नाम दिया गया है।

 

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि केंद्र सरकार समाज की मांगों पर उचित ध्यान नहीं देती है तो आर्थिक नाकेबंदी सहित अन्य विरोध प्रदर्शन पर विचार किया जाएगा। प्रमुख मांगों में कुड़मी जनजाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल करना, कुड़माली भाषा को 8वीं अनुसूची में स्थान देना और समाज के शहीदों का अपमान रोकना शामिल है।

इस अवसर पर पिंकी महतो को कुड़मी सेना महिला की प्रदेश अध्यक्ष और प्रेम महतो को कोल्हान प्रमंडल अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया। शैलेंद्र महतो ने कहा कि कुड़मी समाज किसी भी दबाव या भीड़ से डरने वाला नहीं है और आने वाले दिनों में संघर्ष जारी रहेगा।

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